BHU में 13 दिन से ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ’ आंदोलन:6 अक्टूबर को मास मेलिंग; मांगें नहीं मानीं तो 7 से आमरण भूख हड़ताल


काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, पारदर्शिता और न्याय से जुड़ी 10 सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ’ अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 13वें दिन भी जारी रहा। संगठन का कहना है कि पिछले 13 दिनों में ज्ञापन और धरने से लेकर मौन प्रदर्शन, ओपन माइक, सुंदरकांड पाठ, एक दिवसीय भूख हड़ताल, शुद्धि-बुद्धि यज्ञ, प्रतीकात्मक शव शैया, विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतीकात्मक शव यात्रा और पुतला दहन तक किया गया, लेकिन मांगों पर अब तक निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है। अब आंदोलन के अगले चरण में 6 अक्टूबर को मास मेलिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर से आमरण भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है। 13 दिन में कई तरीकों से जताया विरोध
अभाविप के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत ज्ञापन और धरने से हुई थी। इसके बाद छात्रों ने अलग-अलग लोकतांत्रिक और रचनात्मक तरीकों से अपनी मांगें उठाईं। संगठन ने मौन प्रदर्शन, ओपन माइक, सुंदरकांड पाठ, एक दिन की भूख हड़ताल, शुद्धि-बुद्धि यज्ञ, शव शैया, विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतीकात्मक शव यात्रा और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम किए।
संगठन का कहना है कि इन सभी प्रयासों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांगों पर अभी तक निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है। 6 अक्टूबर को छात्रों और पूर्व छात्रों से मास मेलिंग
आंदोलन के अगले चरण में 6 अक्टूबर को मास मेलिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके जरिए छात्र, पूर्व छात्र और विश्वविद्यालय से जुड़े लोग अपनी मांगों को कुलपति तक पहुंचाएंगे। अभाविप ने कहा है कि इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में ईमेल भेजकर छात्रों की मांगों और आंदोलन की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। 7 अक्टूबर से आमरण भूख हड़ताल की चेतावनी
अभाविप ने कहा है कि यदि मास मेलिंग के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 7 अक्टूबर से आमरण भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
अभाविप बीएचयू अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा, “13 दिनों से छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। हमने हर लोकतांत्रिक और रचनात्मक माध्यम से प्रशासन तक छात्रों की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है। अब 6 अक्टूबर को मास मेलिंग के माध्यम से कुलपति तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर से आमरण भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।” “भूख हड़ताल की स्थिति आने से पहले प्रशासन संवाद करे”
अभाविप बीएचयू मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि आंदोलन के 13 दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई निर्णायक समाधान नहीं आया है। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि आमरण भूख हड़ताल की स्थिति आने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से संवाद करे और उनकी मांगों का समाधान करे। 10 सूत्री मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन
अभाविप की प्रमुख मांगों में चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के संबंध में कार्रवाई, छात्रों पर हुई दंडात्मक कार्रवाई और मुकदमों की समीक्षा तथा छात्र उत्पीड़न पर रोक शामिल है।
इसके अलावा संगठन ने 12 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच, परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक, पर्याप्त सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। खाद्य दुकानों और सुरक्षा कर्मचारियों को लेकर भी मांग
अभाविप ने परिसर की खाद्य दुकानों पर सीसीटीवी और रेट लिस्ट लगाने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों से जुड़ी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
अभाविप ने कहा है कि मांगों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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