शशांक राठौर | बरेली3 मिनट पहले
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बरेली के लाल फाटक स्थित परशुराम सेतु के पास एक पेड़ अब हादसों का कारण बन रहा है। सेना की डेरी के सामने स्थित यह विशाल पेड़ स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिसे वे ‘मौत का पेड़’ कहने लगे हैं।
ओवरब्रिज से उतरते ही तेज रफ्तार वाहन सीधे सर्विस रोड की ओर आते हैं। बीच में खड़ा यह पेड़ चालकों की दृश्यता को बाधित करता है, जिससे सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते और टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। पेड़ के कारण सर्विस लेन को अचानक मोड़ना पड़ता है, जो दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहा है।
हाल ही में इस स्थान पर कई हादसे हुए हैं। 16 फरवरी को उमरसिया निवासी एक युवक को ट्रक ने कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद 1 अप्रैल की रात को एक ट्रक और ईको वाहन की भिड़ंत में चार महिलाओं सहित पांच लोग घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन सभी घटनाओं की जड़ यही पेड़ है।
वीर महाकाल सेवा समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पेड़ को हटाने और सर्विस रोड को चौड़ा करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थान और भी बड़े हादसों का गवाह बन सकता है।
लोगों ने प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है: पेड़ को तुरंत हटाया जाए, सर्विस रोड को कम से कम 100 मीटर तक चौड़ा किया जाए, और यातायात प्रबंधन तथा संकेतकों को बेहतर बनाया जाए।
