हरी अपार्टमेंट के निवासियों का दर्द नहीं हुआ कम:लिफ्ट, पार्किंग, सुरक्षा की समस्या को लेकर डीएम से मिले निवासी


मेरठ के पल्लवपुरम, रुढ़की रोड स्थित हरी अपार्टमेंट के निवासियों की परेशानी अब तक कम नहीं हुई है। लोगों की दिक्कतें यहां बरकरार है। सुरक्षा, लिफ्ट, पार्किंग को लेकर जो परेशानियां चली आ रही थीं, वो जस की तस हैं।
अपनी इन्हीं परेशानियों को लेकर सोमवार को हरी अपार्टमेंट निवासी डीएम वीके सिंह से मिले। उन्हें अपनी शिकायतें दी हैं। कई वर्षों से अपार्टमेंट में स्थापित लिफ्टों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं संचालन संबंधी गंभीर समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं, जिनके कारण सभी निवासियों को निरंतर कठिनाइयों एवं असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। लो स्टेंडर्ड की हैं लिफ्ट निवासियों ने बताया कि पूरे अपार्टमेंट में लगी लिफ्ट एकदम लो स्टैंडर्ड की हैं। जो सुरक्षा मानकों को भी पूरा नहीं करती। इसकी पहले जांच हो चुकी है। जिस जांच रिपोर्ट में भी ये साबित हुआ था कि अपार्टमेंट में लगी लिफ्ट्स से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लिफ्ट मानक अनुसार नहीं हैं। आदेश के बाद भी नहीं हुआ सुधार निवासियों ने बताया कि तब विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आपके स्तर से मेरठ विकास प्राधिकरण को आवश्यक कार्यवाही करते हुए दोनों लिफ्टों को बदलवाने तथा बिल्डर का कम्प्लीशन सर्टिफिकेट रोके रखने हेतु निर्देशित किया गया था। मेरठ विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव आनंद कुमार द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बिल्डर को कई बार तलब किया गया तथा उसे दोनों लिफ्टों को किसी प्रतिष्ठित एवं मानक कंपनी की नई लगाने हेतु निर्देशित किया था लेकिन ये काम अब तक नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि बिल्डर ने नई मानक लिफ्ट लगवाने के बजाय अपार्टमेंट में लगी पुरानी बड़ी लिफ्ट को निकालकर बेच दिया। उसके स्थान पर जो नई लिफ्ट का सामान भेजा गया है, वह आकार एवं क्षमता में अत्यंत छोटा है तथा सात मंजिला भवन एवं 52 परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। इससे भी अधिक गंभीर तथ्य यह है कि उक्त लिफ्ट का सामान विगत लगभग तीन माह से परिसर में बिना स्थापित हुए पड़ा हुआ है और कार्य पूर्णतः बंद है। निवासियों ने ये समस्याएं भी बताईं।
1. बिल्डर को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मानकों के अनुरूप उपयुक्त क्षमता वाली लिफ्ट स्थापित कर चालू करने हेतु बाध्य किया जाए।
2. मेरठ विकास प्राधिकरण के निर्देशों की अवहेलना के संबंध में बिल्डर के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
3. कम्प्लीशन सर्टिफिकेट से संबंधित प्रकरण की समीक्षा कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
4. संभावित जनहानि को रोकने हेतु इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

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