अरुणेश प्रताप सिंह | अम्बेडकरनगर2 मिनट पहले
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अम्बेडकरनगर में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के पास डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा परिसर में धरना दिया। वे जनगणना-2027 के फॉर्म में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़ने और पहले से सूचीबद्ध जातियों की ड्रॉपडाउन सूची देने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों पर कार्रवाई की अपील की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने कहाकि ओबीसी वर्ग की सही आबादी और उसकी सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व राजनीतिक स्थिति का पता लगाने के लिए जातिगत आंकड़े सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना-2027 की 14 अगस्त 2026 को जारी जानकारी में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया है। यादव ने यह भी बताया कि जातियों की पहले से तय ड्रॉपडाउन सूची देने के बजाय, जाति दर्ज करने के लिए ओपन-एंडेड व्यवस्था अपनाई गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस ओपन-एंडेड व्यवस्था में एक ही जाति के अलग-अलग नाम और स्पेलिंग दर्ज होने से जातियों के आंकड़े बिखर सकते हैं।
इसका सीधा असर पिछड़े और वंचित वर्गों की वास्तविक आबादी का पता लगाने पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सही आंकड़े नहीं मिलने पर आबादी के अनुपात में आरक्षण, सरकारी नौकरियों और संसाधनों में हिस्सेदारी से जुड़ी नीतियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। पार्टी ने सरकार से जनगणना-2027 में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने और केंद्र व राज्यों की सूची में शामिल जातियों की ड्रॉपडाउन सूची जनगणना करने वालों के जरिए नागरिकों को देने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना में अपनाए गए बेहतर जनगणना मॉडल को देखते हुए केंद्र सरकार को भी जातियों की पहचान और गणना की साफ व्यवस्था करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और राष्ट्रपति से मामले में दखल देने की अपील की।
