ढाका5 मिनट पहलेलेखक: मोहम्मद अरिफुल इस्लाम
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बांग्लादेश के चटगांव में अल-कायदा से जुड़ा नेता हारुन इझार ने हिंदुओं पर बयान दिया।
बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े नेता हारुन इजहार का हिंदुओं को लेकर धमकी वाला वीडियो सामने आया है। इसमें वह कह रहा है कि हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है।
चटगांव में एक कार्यक्रम के दौरान इजहार हिंदुओं को आसानी से मारे जाने की बात कहता सुनाई दे रहा है। वह यह भी कहता है कि उसे खुद कुछ करने की जरूरत नहीं होगी, उसके समर्थक ही ऐसा करने के लिए काफी हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में यह बयान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है।
हारुन इजहार कौन है?
हारुन इजहार बांग्लादेश के चटगांव का कट्टरपंथी इस्लामी नेता है और हेफाजत-ए-इस्लाम से जुड़ा रहा है। वह संगठन की केंद्रीय समिति में शिक्षा और सांस्कृतिक मामलों का सचिव भी रह चुका है। उसके पिता मुफ्ती इजहारुल इस्लाम भी चटगांव के एक प्रभावशाली इस्लामी नेता और मदरसा संचालक रहे हैं।
हारुन का नाम पहली बार नहीं बल्कि लंबे समय से कट्टरपंथ और हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। 2013 में चटगांव के लालखान बाजार स्थित मदरसे में विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने विस्फोटक बनाने की सामग्री, तेजाब और बिना फटे ग्रेनेड बरामद किए थे। इस मामले में हारुन और उसके पिता समेत कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था।
अल-कायदा से कनेक्शन का क्या मामला है?
हारुन इजहार को लेकर अल-कायदा और दूसरे जिहादी नेटवर्क से संबंधों के आरोप पुराने हैं। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों में उसके पिता के मदरसे को प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश के नेटवर्क से जोड़कर देखा गया है।
एक रिपोर्ट में उसके पिता के ओसामा बिन लादेन और तालिबान नेता मुल्ला उमर से संपर्क होने के दावे भी किए गए थे। हालांकि इन दावों को खबर में आरोप या सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के तौर पर ही लिखना बेहतर होगा।
2025 की एक रिपोर्ट में इंडिया टुडे ने भी हारुन इजहार को कट्टरपंथी संगठन हेफाजत-ए-इस्लाम का वरिष्ठ नेता बताते हुए उसके अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क से कथित संबंधों का जिक्र किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां उसे प्रभावशाली कट्टरपंथी व्यक्ति मानती हैं।
2021 में भी हिंसा के मामले में नाम आया
मार्च 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान चटगांव और दूसरे इलाकों में हिंसा हुई थी। हारुन इजहार को इन हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
2021 में उसने अदालत के सामने हिंसा के मामले में अपना बयान भी दिया था। पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ के दौरान हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की और उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्होंने हिंसा भड़काने में कथित तौर पर भूमिका निभाई थी।
उसके खिलाफ ढाका, चटगांव और राजशाही में कई मामले दर्ज थे। 2023 में वह चटगांव सेंट्रल जेल से जमानत पर बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, उस समय उसके खिलाफ दर्ज 11 मामलों में उसे जमानत मिल गई थी और पुलिस ने कहा था कि वह निगरानी में रहेगा।
2025 में फिर चर्चा में आया
दिसंबर 2025 में भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान भी हारुन इजहार का नाम सामने आया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में भारतीय हितों को निशाना बनाकर हुए प्रदर्शनों के बाद वह एक पुलिस स्टेशन पहुंचा था और वहां भारतीय राजनयिक मिशन पर हमले के आरोपियों के मामले में हस्तक्षेप करता नजर आया।
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