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नई दिल्ली5 मिनट पहले
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठा सकता है और नतीजों की परवाह किए बिना कड़ा प्रहार कर सकता है।
डोभाल ने यह बात डिस्कवरी की आने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में कही है। यह ऑपरेशन 88 घंटे चला था और इसका मकसद खास तौर पर पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार दुश्मन के कैंप तबाह करना था।
यह ऑपरेशन पर डोभाल का पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, “हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के कैंप तबाह करना तय किया था, खास तौर पर उन कैंपों को, जो पहलगाम हमले के जिम्मेदार थे।”
15 जनवरी को रात 9 बजे रिलीज होगी डॉक्यूमेंट्री
डिस्कवरी ने एक बयान में बताया कि दो हिस्सों वाली यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को सामने लाएगी। इसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को शामिल किया गया है।
सीरीज में उन लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव भी बताए जाएंगे, जिन्होंने भारत की प्रतिक्रिया की निगरानी की थी। डोभाल इसमें सैन्य कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और भारत के संकल्प के बारे में बताएंगे।
‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और स्ट्रीमिंग सर्विस discovery+ पर होगा।
6 मई 2025: सेना ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था।
इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी।

भारत की एयरस्ट्राइक में कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह हुए थे
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर (Maxar) के सैटेलाइट ने इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की थीं।
मक्सर ने पाकिस्तान के जिनकी फोटोज जारी की, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस थे। फोटोज में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति थी।

सेना ने बताया था कहां-कहां की थी एयरस्ट्राइक
सेना ने 7 मई 2025 की सुबह बताया था कि पाकिस्तान और पीओके में 9 टारगेट पहचाने गए थे। इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए। इनके नाम हैं..
- पीओके में मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर के सवाई नाला ट्रेनिंग सेंटर को सबसे पहले निशान बनाया गया। सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमले के आतंकियों ने यहीं ट्रेनिंग ली थी।
- मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप। यहां हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी।
- कोटली का लश्कर का गुरपुर कैंप। पूंछ में 2023 में श्रद्धालुओं पर हमला करने वाले आतंकी यहीं ट्रेंड हुए थे।
- भिम्बर का बरनाला कैंप। यहां हथियार चलाना सिखाया जाता है।
- कोटली का अब्बास कैंप। यह एलओसी से 13 किमी दूर है। यहां फिदायीन तैयार होते हैं।
- सियालकोट का सरजल कैंप। मार्च 2025 में पुलिस जवानों की हत्या के आतंकवादियों को यहीं ट्रेन किया गया था।
- सियालकोट का हिजबुल महमूना जाया कैंप। पठानकोट हमला यहीं प्लान किया गया।
- मुरीदके का मरकज तैयबा कैंप। अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली यहीं ट्रेन हुए थे।।
- मस्जिद सुभान अल्लाह बहावलपुर जैश का हेडक्वार्टर था। यहां रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग दी जाती थी। बड़े अफसर यहां आते थे।
