Airtel Top Gainer | Market Cap Boost; Bajaj Finance, ICICI Bank Rise

मुंबई40 मिनट पहले

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पिछले कारोबारी हफ्ते में देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 6 का कुल मार्केट वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। इस तेजी में भारतीय एयरटेल टॉप गेनर रही।

एयरटेल की वैल्युएशन 36,529 करोड़ रुपए बढ़कर 11.63 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक, LIC, HDFC बैंक और HUL का मार्केट कैप भी बढ़ा है।

वहीं बाजार की इस तेजी के बीच टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 की वैल्यू बीते हफ्ते घटी है। जिसमें लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, SBI और TCS के नाम शामिल हैं।

देश की टॉप-10 कंपनियों में से 6 की वैल्यू ₹1 लाख करोड़ बढ़ी

कंपनी हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में)
भारती एयरटेल +36,529 11.64
बजाज फाइनेंस +33,059 6.43
ICICI बैंक +16,084 10.11
LIC +8,602 5.44
HDFC बैंक +7,665 12.34
हिंदुस्तान यूनिलीवर +6,461 5.17
लार्सन एंड टुब्रो -26,572 5.54
रिलायंस इंडस्ट्रीज -18,945 17.65
SBI -4,846 9.60
TCS -1,031 7.57

सोर्स: BSE (29 जून – 03 जुलाई, 2026)

रिलायंस देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी

मार्केट कैप के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में पहले नंबर पर बनी हुई है। इसके बाद दूसरे स्थान पर HDFC बैंक, तीसरे पर भारती एयरटेल, चौथे पर ICICI बैंक और पांचवें पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है। इस लिस्ट में छठे स्थान पर TCS, सातवें पर बजाज फाइनेंस, आठवें पर लार्सन एंड टुब्रो, नौवें पर LIC और दसवें स्थान पर हिंदुस्तान यूनिलीवर मौजूद है।

बीते हफ्ते सेंसेक्स 663 अंक चढ़ा था

बीते हफ्ते सेंसेक्स 663.44 अंक और निफ्टी 214.85 अंक चढ़ा था। वहीं शुक्रवार को सेंसेक्स 261 अंक की तेजी के साथ 77,764 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 95 अंक की बढ़त रही, ये 24,270 के स्तर पर बंद हुआ था।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझें…

मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।

कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…

बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब
शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे
पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट
पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट
हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग

मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।
  • निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।
  • उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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