लगभग दो महीने की देरी के बाद नगर निगम के सदन का बजट अधिवेशन हंगामेदार रहा। पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के पार्षदों ने अतिक्रमण न हटने पर अधिकारियों को घेरा। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति के आरोप लगाए। कहा-अतिक्रमण न हटने पर जनता हमें घेर
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अब विस्तार से पढ़िये… नगर निगम सदन कक्ष में मेयर हेमलता दिवाकर क अध्यक्षता में 2202.86 करोड़ रुपये के बजट को पार्षदों के समक्ष पेश किया गया। कार्यकारिणी ने सप्ताहभर पहले हुई बैठक में इस बजट को मंजूरी दी थी। लेखाधिकारी विपिन यादव ने बजट पेश किया। इससे पहले टैक्स वसूली पर चर्चा हुई।

अतिक्रमण न हटने पर विरोध जताते पार्षद।
इस पर पार्षद रवि माथुर ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, अधिकारियों के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे अनुमान लगाया जा सके के नगर निगम को हाउस टैक्स से कितनी वसूली हो सकती है।
नगर निगम अधिकारियों पर लगाए आरोप उन्होंने कहा, नगर निगम के पास शहर की संपत्तियों का ही पूरा ब्योरा नहीं है। ऐसे में टैक्स वसूली कैसे हो सकती है। कितनी संपत्तियों से टैक्स वसूला जाता है और कितनी संपत्तियां ऐसी हैं, जो टैक्स के दायरे में नहीं आ पा रहीं। बसपा पार्षदों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठा। उन्होंने कहा-हाउस टैक्स नगर निगम की आय का मुख्य स्त्रोत है। इसके बावजूद निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा। विज्ञापन से होने वाली आय को लेकर भी पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा।

नगर निगम सदन की बैठक में मौजूद पार्षद और अधिकारी।
अतिक्रमण करने वालों और प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई न होने पर भी सवाल खड़े किए गए। पार्षद पार्षद रवि माथुर ने कहा, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए नगर निगम ने टॉस्क फोर्स गठित की है। इस पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जबकि इनके माध्यम से अतिक्रमण पर होने वाली कार्रवाई ठीक से नहीं हो पा रही। उन्होंने बताया, अतिक्रमण पर जुर्माना से नगर निगम को सिर्फ 14 लाख रुपये की आय हुई है।
लॉयर्स कॉलोनी पार्क पर कब्जा नगर निगम सदन में लॉयर्स कॉलोनी पार्क पर कब्जे का आरोप लगाया। कहा, यहां कुछ लोगों ने कॉलोनी के पार्क में बनी पानी की टंकी के पास कब्जा कर लिया है। कई बार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन उन्होंने इसका कोई संज्ञान नहीं लिया। इस पर मेयर ने इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

नगर निगम सदन के बजट अधिवेशन में बजट पर चर्चा छोड़ आपस में बातचीत में व्यस्त महिला पार्षद।
नगर निगम के बजट अधिवेशन में कार्यकारिण से मंजूर किए गए प्रस्तावों में सड़कों पर 412 करोड़ रुपये खर्च करने, 30 करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट पर और 5 करोड़ रुपये हरियाली पर खर्च करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा गया। इससे पार्कों के विकास के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान रखा गया है, वहीं डॉग शेल्टर होम पर एक करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इस बार 44 करोड़ रुपये पुराने नालों की मरम्मत और निर्माण के लिए रखे गए हैं।
टोरंट पॉवर पर भड़के पार्षद
सदन में टोरंट पॉवर पर बकाया 431 करोड़ रुपये हटाने पर सदन में पार्षदों ने हंगामा किया। पार्षदों का कहना था कि आखिरकर किस नियम के तहत नगर निगम ने टोरंट पॉवर का 431 करोड़ रुपये की छूट दी। इस पर सदन में बताया गया कि शासनादेश के निर्देशों के तहत टोरंट पॉवर को ये छूट दी गई है।