सिम स्वैप कर 1.27 करोड़ की ठगी करने वाला अरेस्ट:क्राइमब्रांच ने महाराष्ट्र से दबोचा, अब मास्टर माइंड नाइजीरियन की तलाश में छापेमारी


कानपुर पुलिस ने अशोक नगर के कारोबारी सरदार मोहकम सिंह का सिम स्वैप करके 1.27 करोड़ की ठगी करने के एक और आरोपी मेराज अंसारी को महाराष्ट्र से अरेस्ट कर लिया। शातिर भेष बदलकर सरदार बनकर मुंबई में छिपा हुआ था। पुलिस ने शातिर को अरेस्ट कर लिया और ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लेकर आ रही है। पुलिस अब पकड़े गए शातिर से पूछताछ करके नाइजीरियन मास्टर माइंड की तलाश में लगी हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि ठगी का मास्टर माइंड नाइजीरियन है। पुलिस को उससे संबंधित कई इनपुट मिले हैं। जल्द ही मास्टर माइंड को अरेस्ट करके पूरे गैंग का खुलासा करेगी।
नाइजीरियन गैंग ने उड़ाई थी रकम, बैंक अकाउंट देने वाला अरेस्ट डीसीपी क्राइम श्रवण सिंह ने बताया कि अशोक नगर निवासी कारोबारी सरदार मोहकम सिंह का सिम स्वैप करके साइबर ठगों ने 23 अगस्त 2025 को 1 करोड़ 27 लाख रुपए की साइबर ठगी की थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच कर रही क्राइमब्रांच और साइबर सेल की टीम ने गुरुवार को 103 न्यू होम पैराडाइज कल्पस्वरूप कॉम्प्लेक्स थाना बोलींज बसई बिरार जिला पार घर महाराष्ट्र निवासी मेराज अंसारी को दबोच लिया। शातिर मेराज पुलिस से बचने के लिए सरदार के भेष में कई दिनों से महाराष्ट्र में छिपा हुआ था, लेकिन पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे अरेस्ट किया। पूछताछ में पता चला कि शातिर मूलरूप से पूर्वा अब्दुल वाली इमलियान हापुड़ रोड थाना सिविल लाइंस जनपद मेरठ का रहने वाला है। मेराज ने बताया कि मैंने साथी अरशद अंसारी निवासी नौचंदी मेरठ के साथ मिलकर फर्जी कूटरचित दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी संबंधित दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करते हुए कई बैंकों में अकाउंट खुलवाए थे। इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करते थे। इससे कि हमारी पहचान न हो सके, कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मैंने अपने साथी अरशद अंसारी और चंदू, जो मुझे बोरिवली मुंबई में अक्सर मिलता था। चंदू के दो अन्य साथियों के साथ मिलकर मुंबई में नाला सुपारा के पास बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा में सरस्वती टावर नाला सोपार ईस्ट प्रगति नगर नालासोपार ईस्टर वसई पालघर महाराष्ट्र निवासी अमर तिवारी के फर्जी आधार कार्ड पैन, कार्ड आदि तैयार कर बैंक में खाता खुलवाया था। इसी अकाउंट में अपने साथियों के साथ मिलकर सरदार मोकम सिंह के बैंक ऑफ इंडिया के मोबाइल नंबर के सिम स्वाइप करके उनके अकाउंट से 1 करोड़ 27 लाख रुपए अमर तिवारी के खाते में ट्रांसफर कर लिया था। ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा साइबर ठग मेराज डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि कानपुर के अशोक नगर निवासी सरदार मोहकम सिंह के खाते से सिम स्वैप करके 1.27 करके उड़ा दिया था। मामले में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज करके जांच की जा रही थी। भारत सरकार के पास साइबर ठगों के डाटा से एक तस्वीर मिली थी। एक अभियुक्त अरशद अंसारी को पुलिस ने 1 महीने पहले अरेस्ट करके मेरठ से जेल भेजा था। अब ठगी में शामिल दूसरा साथी मेराज अंसारी को भी महाराष्ट्र से अरेस्ट कर लिया है। उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेजा जाएगा। मास्टर माइंड नाइजीरियन ने सिम स्वैप कर उड़ाई थी रकम शातिर मेराज ने पूछताछ में बताया कि ठगी की रकम में से 54 लाख का सोना MMTC PAMP इंडिया नोएडा से ख़रीदा था, जिसमें से 15 तोला सोना अरशद अंसारी पुत्र मोबीन खान निवासी मकान नंबर 1076 अंसार ब्लॉक करीमनगर गली नंबर 7 थाना नौचंदी मेरठ को दिया गया था। बचा हुआ सोना चन्दू अपने साथ लेकर मुंबई गया था। चंदू के दो अन्य साथियों जो नाइजीरियन है। उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई है। इन्हीं नाइजीरियनों द्वारा सरदार मोहकम सिंह की सिम को स्वैप करते हुए उसके खाते से पैसा ट्रांसपोर्ट किया था। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद ठगों के खाते में 72 लाख रुपए फ्रीज कराते हुए वादी के हक में रिलीज़ करा दिए गए थे। तथा 54 लाख रुपए, जिसका सोना एमएमटीसी पैन इंडिया कंपनी से खरीदा गया था। वह 54 लाख रुपए, एनएमटीसी इंडिया कंपनी का एकाउंट फ़्रीज़ करने के उपरांत कोर्ट के माध्यम से बादी के हक में रिलीज़ पूर्व में करा दिया गया है। 1 लाख रुपए अमर तिवारी के अकाउंट से अभियुक्त अरशद अंसारी द्वारा निकाल लिया गया था।

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