उवैस चौधरी | इटावा45 मिनट पहले
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इटावा में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एडीजी कानपुर जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ के निर्देश पर रविवार को इटावा में सघन अभियान चलाया गया। पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित समृद्धि हॉस्पिटल के सामने नेशनल हाईवे के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कार्रवाई की।
अभियान के दौरान हाईवे पर अवैध रूप से बसें खड़ी कर सवारियां भरने वाले वाहन चालकों पर विशेष नजर रखी गई। जांच में कई निजी बस चालक सर्विस रोड के बजाय सीधे हाईवे पर बस रोककर यात्रियों को चढ़ाते और उतारते मिले। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा के लिए इसे गंभीर खतरा मानते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की और हाईवे पर सवारी भरने वाली पांच बसों के चालान किए।

समृद्धि हॉस्पिटल के सामने का क्षेत्र जनपद के संवेदनशील ब्लैक स्पॉट में शामिल है। यहां राजस्थान, दिल्ली और अन्य राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है। कई बार निजी बस चालक हाईवे किनारे ही वाहन रोककर यात्रियों को बैठाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे की आशंका बनी रहती है। इस स्थान पर पूर्व में भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
यातायात प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में 16 वाहन चालकों, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले 12 वाहन चालकों, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले 28 वाहन चालकों और फॉल्टी नंबर प्लेट वाले 42 वाहनों के चालान किए गए। अभियान में कुल 7.70 लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में सामने आया है कि मई 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है, लेकिन हादसों में मृतकों की संख्या 30 से बढ़कर 36 हो गई है। इसके बाद प्रशासन ने जिले के 14 चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने संबंधित विभागों को ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, संकेतक और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
