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यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में आगरा जिले की छात्रा विंदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला टॉप किया है। खास बात यह रही कि गणित, जो उनका सबसे कमजोर विषय माना जाता था, उसी में उन्होंने सबसे अधिक 99 अंक हासिल किए। इस सफलता के पीछे उनके पिता का मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने खुद उन्हें पढ़ाया। जिले के फतेहाबाद क्षेत्र के करीली गांव की रहने वाली कक्षा 10 की छात्रा विंदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आगरा में टॉप किया है। विंदेश श्री भगवती देवी इंटर कॉलेज की छात्रा हैं और उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर 8वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता के पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा, जो केडी गवर्नमेंट स्कूल में गणित के निजी शिक्षक हैं और उन्होंने खुद ही विंदेश को पढ़ाया। कमजोर विषय बना सबसे मजबूत
विंदेश ने बताया कि गणित उनका सबसे कमजोर और कठिन विषय था, लेकिन पिता के पढ़ाने और लगातार अभ्यास से वही विषय उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। उन्होंने गणित में 100 में से 99 अंक हासिल किए, जो उनके सभी विषयों में सबसे अधिक हैं। विंदेश ने किसी अन्य कोचिंग का सहारा नहीं लिया और पूरी तैयारी अपने पिता के मार्गदर्शन में ही की। परिवार का मिला पूरा सहयोग
विंदेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के साथ-साथ अपने दादा को भी दिया, जो किसान हैं और उन्होंने पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। विंदेश अब आगे जीवविज्ञान विषय लेकर NEET की तैयारी करना चाहती हैं और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का लक्ष्य रखती हैं। जिले में दूसरे स्थान पर मुस्कान
जीएस पब्लिक स्कूल, कुबेरपुर चौराहा की छात्रा मुस्कान ने 96.17 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। मुस्कान एक किसान की बेटी हैं और उनकी माता गृहिणी हैं। मुस्कान ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नियमित पढ़ाई और अनुशासन को अपनी सफलता का मंत्र बताया। मुस्कान का सपना है कि वह आगे चलकर सिविल सेवा की तैयारी करें और आईएएस अधिकारी बनकर समाज के लिए काम करें। तीसरे स्थान पर अभिषेक कुमार, गणित में 100/100
मां केला देवी हाई स्कूल, बाह रोड फतेहाबाद के छात्र अभिषेक कुमार ने 96 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। अभिषेक के पिता एसकेडी पब्लिक स्कूल में गणित के निजी शिक्षक हैं। अभिषेक ने गणित विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए, जो उनकी मेहनत और मजबूत पकड़ को दर्शाता है। अभिषेक ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए किसी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपने पिता से ही मार्गदर्शन लिया। उनके पिता ने न सिर्फ उन्हें पढ़ाया, बल्कि समय-समय पर उनकी कमजोरियों को समझकर सुधार भी कराया। अभिषेक ने कहा कि नियमित अभ्यास और सही दिशा मिलने से कठिन विषय भी आसान हो जाता है। अभिषेक आगे चलकर एनडीए क्लीयर कर डिफेंस में अधिकारी बनना चाहते हैं।
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