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जिले में समाज सुधारक न्याय संगठन ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के अखिलेश क्रांतिकारी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने की मांग की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार और दलाली चरम पर है। विशेष रूप से, तहसील में तैनात लेखपाल और राजस्व निरीक्षक किसानों के किसी भी कार्य को बिना रिश्वत के नहीं करते हैं। इसमें मृतक की विरासत दर्ज करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी शामिल हैं, जिसके लिए परिजनों से पहले रिश्वत की मांग की जाती है। शिकायत में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति रिश्वत देने में सक्षम नहीं होता है, तो उसका कार्य लंबित रहता है। संगठन ने सुझाव दिया कि लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को अन्य जिलों में तैनात किया जाना चाहिए, जैसा कि अन्य कर्मचारियों के साथ होता है, ताकि रिश्वतखोरी पर लगाम लगाई जा सके। ब्लॉक स्तर पर भी यही स्थिति है, जहां खंड विकास अधिकारी, लिपिक और सेक्रेटरी बिना रिश्वत के किसी गरीब का कोई कार्य नहीं करते हैं। चाहे वह मृत्यु प्रमाण पत्र हो, जन्म प्रमाण पत्र हो या कोई अन्य प्रमाण पत्र, सभी कार्यों के लिए रिश्वत मांगी जाती है। संगठन ने बताया कि ऐसी शिकायतों के बावजूद कोई परिणाम नहीं मिलता है, जिससे गरीब किसान और मजदूर अपनी मेहनत की कमाई रिश्वत के रूप में देने को मजबूर हो जाते हैं। कुमार अखिलेश कुमार, सुबोध कुमार और नरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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समाज सुधारक न्याय संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा:अखिलेश क्रांतिकारी ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की