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यूपी पुलिस में कांस्टेबल बनने की चाह में मैदान पर उतरे अभ्यर्थियों की सांसें शुक्रवार को उखड़ गईं। रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी में भर्ती के पांचवें और आखिरी दिन दौड़ के दौरान 13 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि यह संख्या ज्यादा थी लेकिन कुछ नहीं अस्पताल जाने से मना कर दिया। जिन लोगों की तबीयत बिगड़ी उनमें तीन अभ्यर्थियों के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि एक अभ्यर्थी को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया। एक के बाद एक कई एंबुलेंस को अभ्यर्थियों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ते देख भर्ती केंद्र के बाहर मौजूद अभिभावकों में खलबली मच गई। मैदान में अचानक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने से भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस भर्ती की दौड़ में अभ्यर्थियों को 25 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दूरी तय करनी है। जबकि महिला अभ्यर्थी को 14 मिनट में 2.4 किलोमीटर या कहें तो 2400 मी दौड़ लगानी है। शुक्रवार सुबह चार बजे से शुरू हुई प्रक्रिया दोपहर करीब 12 बजे तक चली। बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी। सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अचानक बीमार पड़ने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। 4.8 किलोमीटर की दौड़, शरीर पर कितना दबाव
कांस्टेबल भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर लंबी दूरी तय करनी होती है। शुक्रवार को दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने और तीन के पैर में फ्रैक्चर की सूचना ने शारीरिक परीक्षा की कठिनाई को फिर चर्चा में ला दिया। दौड़ में तेज गति बनाए रखने के साथ निर्धारित समय में दूरी पूरी करने का दबाव भी अभ्यर्थियों पर रहा। स्टेरॉयड के इस्तेमाल की आशंका से इंकार नहीं
भर्ती दौड़ में क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ अभ्यर्थी स्टेरॉयड लेकर उतरे, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन शुक्रवार को बीमार पड़े 13 अभ्यर्थियों में से किसी ने स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया था या नहीं, इसकी फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। न ही इन अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने को स्टेरॉयड से जोड़ने वाली कोई चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आई है। एंबुलेंस दौड़ीं तो बाहर खड़े परिजनों की बढ़ीं धड़कनें
शुक्रवार सुबह से ही भर्ती केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। केंद्र के दोनों ओर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगी थीं। चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा था। इसी बीच दौड़ के दौरान एक के बाद एक अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। लगातार एंबुलेंस को केंद्र से निकलते देख बाहर इंतजार कर रहे अभिभावक चिंतित हो इन अभ्यर्थियों को अस्पताल पहुंचाया
अस्पताल भेजे गए अभ्यर्थियों में ध्रुव तोमर पुत्र सुनील कुमार निवासी बागपत, आफताब अली पुत्र खालिद अली निवासी बागपत, विशु राठी निवासी मुरादनगर गाजियाबाद, सूरज कुमार पुत्र आनंद निवासी शामली, विशाल सेन पुत्र सुधीर सेन निवासी सहारनपुर, राहुल कुमार पुत्र सुभाष चंद्र निवासी नोएडा, राजकुमार पुत्र राजवीर निवासी बलेनी मेरठ, अरुण पुत्र संजय कुमार निवासी बुढ़ाना, वंश पुत्र पवन निवासी बागपत, सोहेल पुत्र इदरीश खान निवासी नोएडा, तुषार पुत्र सुनील सैनी निवासी गाजियाबाद और राहुल पुत्र सुभाष चंद्र निवासी नोएडा के नाम शामिल बताए गए हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस भर्ती में शारीरिक दक्षता का परीक्षण जरूरी है, लेकिन इसके साथ अभ्यर्थियों की सेहत की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। एक ही दिन में 13 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने, तीन के पैर में फ्रैक्चर होने और एक को आईसीयू में भर्ती कराए जाने से स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं। लगातार ऐसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यह पता लगाना कि तबीयत खराब होने की सही वजह क्या है, बेहद जरूरी है।
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पुलिस भर्ती दौड़ में हांफे अभ्यर्थी, 13 की हालत बिगड़ी:पांचवें और आखिरी दिन तीन के पैर में फ्रैक्चर, एक आईसीयू में भर्ती, मची खलबली