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लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (EC) की बैठक में कॉलेज शिक्षकों, स्टूडेंट्स और कैंपस वर्कर्स के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। अब सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षक पार्ट-टाइम पीएचडी स्टूडेंट्स का सुपरविजन कर सकेंगे। कैंपस में मोबाइल PHC शुरू करने को मंजूरी दी गई। वहीं, स्ववित्तपोषित कोर्स के करीब 94 वर्कर्स के पेमेंट में इजाफा किया गया है। इसके अलावा कॉलेज शिक्षकों के बच्चों को पीएचडी में 5% आरक्षण देने, पीएचडी थीसिस की अलग-अलग कलर कोडिंग और रेगुलर से पार्ट-टाइम पीएचडी में बदलाव के लिए नई SOP को भी मंजूरी मिली। कॉलेज शिक्षकों को पीएचडी सुपरविजन का अधिकार सरकारी और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को पार्ट-टाइम पीएचडी स्टूडेंट्स का सुपरविजन करने की अनुमति दी गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय नोडल रिसर्च सेंटर होगा। शशि भूषण बालिका महाविद्यालय और कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज समेत संबंधित कॉलेजों के शिक्षक अब पीएचडी स्टूडेंट्स को गाइड कर सकेंगे। कॉलेज शिक्षकों के बच्चों को पीएचडी में 5% आरक्षण लुआक्टा की मांग पर संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के बच्चों को पीएचडी में 5% आरक्षण देने को मंजूरी दी गई है। यह सुविधा यूजी और पीजी में मिल रहे आरक्षण की तर्ज पर होगी। कैंपस में शुरू होगा मोबाइल PHC कैंपस में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए मोबाइल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इससे कैंपस में मौजूद स्टूडेंट्स और कर्मचारियों को जरूरत के समय प्राथमिक इलाज मिल सकेगा। 94 वर्कर्स का पेमेंट बढ़ा स्ववित्तपोषित कोर्स में काम करने वाले करीब 94 वर्कर्स के पेमेंट में इजाफा किया गया है। थर्ड क्लास वर्कर्स का पेमेंट 14 हजार से बढ़ाकर 21,700 रुपये और फोर्थ क्लास वर्कर्स का 11,650 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है। लंबे समय से पेमेंट में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। पीएचडी थीसिस के लिए तीन कलर तय EC ने पीएचडी थीसिस के लिए फैकल्टी के हिसाब से तीन कलर तय किए हैं। मैनेजमेंट, कॉमर्स, एजुकेशन, साइंस और इंजीनियरिंग की थीसिस नीले रंग की होगी। आर्ट्स, फाइन आर्ट्स, लॉ और अभिनवगुप्त संस्थान की थीसिस मैरून रंग की होगी। कृषि, योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा, आयुर्वेद और यूनानी की थीसिस फॉरेस्ट ग्रीन रंग की होगी। रेगुलर से पार्ट-टाइम पीएचडी के लिए नई SOP रेगुलर से पार्ट-टाइम पीएचडी में बदलाव अब तय प्रक्रिया के तहत होगा। पहले विभागाध्यक्ष को जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन देना होगा। इसके बाद DRC आवेदन की जांच कर अपनी सिफारिश देगी। कुलपति की मंजूरी के बाद कुलसचिव NOC जारी करेंगे। इसके बाद संबंधित सेशन की फीस जमा करनी होगी। AEDP को राजभवन की मंजूरी, लॉ में 17 नए पद अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को राजभवन से मंजूरी मिलने की जानकारी EC को दी गई। लॉ विभाग में पांच साल के LLB कोर्स के लिए 17 नए स्ववित्तपोषित शिक्षक पद बनाने को भी मंजूरी दी गई। लखीमपुर के मोहम्मदी लॉ कॉलेज को पांच साल के लिए पांच वर्षीय लॉ कोर्स की अस्थायी मान्यता दी गई। पूर्व VC के नाम पर होगा क्रीड़ा भवन LU के नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. डीपी सिंह के नाम पर ‘प्रो. डीपी सिंह क्रीड़ा भवन’ रखा जाएगा। समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अंग्रेजी विभाग के नवनियुक्त शिक्षकों की सेवा स्थायी करने को भी मंजूरी दी गई।
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LU में कॉलेज शिक्षकों को पार्ट-टाइम पीएचडी सुपरविजन का अधिकार:मोबाइल PHC मंजूर, 94 वर्कर्स का पेमेंट बढ़ा; EC में कई अहम फैसले