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बलरामपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रपत्र-6 में कथित अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़े जाने को लेकर विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।गुरुवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने संतोषी माता मंदिर से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी शिवनारायण सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन और पैदल मार्च दोपहर 12 से 2:30 बजे चला। श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा और बलरामपुर सदर विधायक राकेश यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची को लोकतंत्र की बुनियाद बताते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र की ताकत नागरिकों के मताधिकार में निहित है। संविधान प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देता है। ऐसे में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान जरूरी है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और प्रपत्र-6 में कथित बदलाव को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर भी अलग घोषणा पत्र की व्यवस्था दिखाई दे रही है। ज्ञापन में इस पूरी प्रक्रिया की संवैधानिक और कानूनी स्थिति स्पष्ट करने तथा किसी भी पात्र मतदाता को मताधिकार से वंचित न किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में निर्वाचन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने, प्रपत्र-6 में किए गए बदलावों की संवैधानिक एवं कानूनी जांच कराने, बड़ी संख्या में मतदाताओं के वंचित होने के दावों की राज्यवार और जिलावार पड़ताल कराने की मांग की गई। इसके अलावा भाजपा सरकार से मिलीभगत के लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच, हटाए गए मतदाता नामों का विशेष अंकेक्षण और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही
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मतदाता सूची में बदलाव पर विपक्ष सड़क पर उतरा:बलरामपुर में सपा ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, स्वतंत्र जांच की मांग