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संभल में रविवार दोपहर 3 बजे गंगा किनारे बसे रघुपुर पुख्ता गांव में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले दो महीने से बिजली भी बंद है। खेतों में पानी भरने से धान, बाजरा, गन्ना और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत के बावजूद मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया है। 400 की आबादी, बाढ़ के पानी से बढ़ी परेशानी रघुपुर पुख्ता गांव गुन्नौर तहसील के जुनावई ब्लॉक क्षेत्र में है। यह जिला मुख्यालय बहजोई से करीब 61 किलोमीटर दूर है। गांव की आबादी करीब 400 है। ग्रामीणों के मुताबिक, गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद गांव में कई बार बाढ़ का पानी पहुंचा। इससे घरों और खेतों में पानी भर गया। महिला बोली- 2 से 3 दिन तक भूखे रहे ग्रामीण सुनीता ने बताया कि बाढ़ के दौरान पानी घर के अंदर घुस गया था। परिवार को 2 से 3 दिन तक खाने के लिए परेशानी हुई। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से खाना पहुंचाया जाएगा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल सड़ गई। दूसरी फसलें भी खराब हो गईं। किसान बोले- चार बार गांव में आया बाढ़ का पानी ग्रामीणों का दावा है कि आषाढ़ महीने से अब तक चार बार गांव में बाढ़ का पानी आ चुका है। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि तीन बार उनके घर के अंदर पानी भर गया। उनका कहना है कि धान, बाजरा और गन्ने की फसल खराब हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के बाद गांव में गंदगी भी बढ़ गई है। इससे बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने का लगाया आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि डीएम, एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी गांव में नहीं पहुंचे। लेखपाल के भी गांव में नहीं आने की बात कही गई। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के बाद किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिली। गांव में पिछले दो महीने से बिजली आपूर्ति ठप होने का भी दावा किया गया है। एसडीएम बोले- राजस्व टीम भेजी, मेडिकल कैंप भी लगाया गुन्नौर एसडीएम अवधेश कुमार ने बताया कि वह खुद रघुपुर पुख्ता गांव गए थे। राजस्व टीम को भी मौके पर भेजा गया है। वर्तमान में गंगा का पानी कम हो गया है। गांव से भी पानी लगभग खत्म हो चुका है। सड़क पर अब पानी नहीं है, जबकि खेतों में कुछ पानी अभी मौजूद है। नुकसान की भरपाई कराने का दावा एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। नियमानुसार नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया है। ब्लॉक स्तर से एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया है।
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गंगा का पानी भरने से 400 आबादी परेशान:4 बार बाढ़ आने का दावा, फसलें खराब; ग्रामीण बोले- 2 महीने से बिजली भी बंद