हरियाणा के माफिया यूपी में कर रहे अवैध खनन:ग्रामीणों ने खनन माफियाओं को दौड़ाया, जेसीबी-डंपरों पर पथराव


सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में यमुना नदी में अवैध खनन को लेकर रविवार को यूपी और हरियाणा के लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। गांव आलमगीरपुर गुर्जर (धौलरा) की सीमा से गुजर रही यमुना नदी में खनन करने पहुंचे लोगों का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा की ओर से आए खनन कारोबारी जेसीबी और डंपरों से यमुना में खनन कर रहे थे। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और ग्रामीणों ने खनन करने वालों को दौड़ा लिया। ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने जेसीबी और डंपरों पर भी पथराव कर दिया। अचानक हुए विरोध और पथराव के बाद खनन करने वाले लोग अपने वाहनों को लेकर मौके से फरार हो गए। इस दौरान काफी देर तक यमुना क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का आरोप- सीमा का फायदा उठाकर हो रहा खनन ग्रामीणों का कहना है कि यमुना नदी का यह क्षेत्र यूपी और हरियाणा की सीमा से जुड़ा हुआ है। इसी सीमा विवाद और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर बाहरी लोग कथित रूप से यहां खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मशीनों के जरिए नदी से बड़े स्तर पर खनिज निकाला जा रहा था। इससे नदी के स्वरूप और आसपास के किसानों की जमीन को नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से नदी क्षेत्र में खनन गतिविधियों को लेकर नाराजगी है। रविवार को जब जेसीबी और डंपर दिखाई दिए तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों और खनन करने पहुंचे लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। जेसीबी और डंपर लेकर भागे, वीडियो वायरल पथराव होते ही खनन करने आए लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वे जेसीबी और डंपरों को लेकर मौके से निकल गए। घटना का किसी ग्रामीण ने वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में ग्रामीणों की भीड़ और खनन वाहनों के बीच हंगामे की स्थिति दिखाई दे रही है। इस घटना ने एक बार फिर यमुना नदी में खनन और यूपी-हरियाणा सीमा पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नदी क्षेत्र में खनन किया जा रहा था तो संबंधित विभागों और पुलिस की निगरानी कहां थी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर जांच करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि खनन किसकी अनुमति से किया जा रहा था।

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