10 मिनट पहले
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी। उन्होंने कहा कि रूस की किसी भी जमीन पर हमला हुआ, तो वह अपने सभी हथियारों से जवाब देगा।
पुतिन ने मॉस्को में वल्दाई फोरम के दौरान कहा कि नाटो अगर कैलिनिनग्राद को रूस से अलग करने की कोशिश करता है, तो रूस तुरंत जवाब देगा।
कैलिनिनग्राद रूस का एक अलग इलाका है। यह रूस के बाकी हिस्से से जुड़ा नहीं है। यह रूस की सीमा से 300 किमी दूर यूरोप में पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1945 से इस इलाके पर रूस का कब्जा है।

कैलिनिनग्राद रूस के लिए कैसे अहम
- बाल्टिक सागर तक पहुंच: यहां रूस का बाल्टिक फ्लीट तैनात है, जिससे रूस को इस इलाके में समुद्री सैन्य मौजूदगी बनाए रखने में मदद मिलती है।
- NATO के बीच रणनीतिक जगह: यह चारों तरफ से NATO देशों के करीब है। इसलिए रूस के लिए यूरोप में सैन्य दबाव बनाए रखने के लिहाज से यह जरूरी है।
- मिसाइल तैनाती: यहां रूस ने इस्कंदर मिसाइल सिस्टम समेत कई आधुनिक हथियार तैनात किए हैं।
- सैन्य निगरानी: यहां से पोलैंड, लिथुआनिया और बाल्टिक सागर के आसपास के इलाकों पर नजर रखना आसान है।
- रूस के लिए सुरक्षा कवच: रूस मानता है कि कलिनिनग्राद उसकी पश्चिमी सीमा की रक्षा में जरूरी भूमिका निभाता है।
पुतिन बोले- पश्चिमी देश रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे
राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं।
उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास और रूसी जहाजों को जब्त करने का भी जिक्र किया।
उनका बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया, जिसमें नाटो से कहा गया था कि कैलिनिनग्राद की रक्षा के लिए रूस परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।

दावा- NATO कैलिनिनग्राद की नाकाबंदी करने की तैयारी कर रहा है
यूरोप में रूस के कई दूतावासों ने इस हफ्ते बयान जारी किए। इनमें कहा गया कि मॉस्को के पास जानकारी है कि नाटो कैलिनिनग्राद और पूरे क्षेत्र की हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है।
रूस ने यूरोपीय नेताओं पर खतरनाक खेल खेलने का आरोप लगाया। रूस का कहना है कि यूरोपीय नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि मॉस्को किसी दूसरे देश पर हमला कर सकता है या ड्रोन और तोड़फोड़ के जरिए दूसरे देशों में अस्थिरता फैला सकता है। रूस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
