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रामपुर में आजम खां के खिलाफ दर्ज भड़काऊ भाषण मामले में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में सुनवाई हुई। बरेली पुलिस लाइन से आए उप निरीक्षक राजीव कुमार गवाही के लिए अदालत पहुंचे। उनकी मुख्य परीक्षा पहले ही पूरी हो चुकी है। बुधवार को आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे जिरह शुरू की, लेकिन समय पूरा होने के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी। अब मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। अभियोजन के अनुसार उप निरीक्षक राजीव कुमार घटना के समय टांडा थाने में तैनात थे और उन्होंने मामले की विवेचना की थी। इसी आधार पर उन्हें अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया है। बुधवार की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने विवेचक से मामले की विवेचना और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए। समय समाप्त होने के कारण जिरह अधूरी रह गई। अदालत ने बची हुई जिरह के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था केस यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान टांडा थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। उस समय आजम खां रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे। अभियोजन के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और जनता को उनके प्रति भड़काने के आरोप लगाए गए थे। मामले की रिपोर्ट उड़नदस्ता प्रभारी पंकज कुमार की ओर से टांडा थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने दाखिल किया था आरोप पत्र पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद से प्रकरण की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य के अनुसार, बुधवार को विवेचक उप निरीक्षक राजीव कुमार से बचाव पक्ष की जिरह हुई, जो पूरी नहीं हो सकी। अब 9 अक्टूबर को जिरह आगे बढ़ेगी। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे।
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आजम खां के भड़काऊ भाषण मामले में जिरह अधूरी:कोर्ट में उप निरीक्षक से बचाव पक्ष ने की जिरह, 9 अक्टूबर को होगी सुनवाई