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प्रदेश के विभिन्न जिलों में वाहनों की फिटनेस और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। नोएडा में हुए हादसे के बाद मिर्जापुर समेत अन्य जिलों में तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत बस, ट्रक और छोटे व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस की जांच कर मानकों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। सहायक अधिकारी प्रवर्तन राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर वाहनों की चेकिंग की जाती है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान करने के साथ वाहन बंद करने की कार्रवाई भी की जाती है। सामान्य तौर पर महीने में दो से तीन बार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा प्रवर्तन दल नियमित रूप से सड़कों पर वाहनों की जांच करता है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य वाहनों को फिट रखना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। विशेष अभियान के दौरान खास तौर पर यात्री वाहनों और भारी वाहनों की फिटनेस, जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि परिवहन विभाग की बसों की फिटनेस की जांच विभागीय स्तर पर भी नियमित रूप से होती है। जिस डिपो से बसों का संचालन होता है, वहां के प्रभारी बसों की स्थिति और फिटनेस पर लगातार निगरानी रखते हैं। बसों को संचालन में भेजने से पहले उनकी आवश्यक जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि चालकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। विभागीय ढाबे पर चालकों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। विभाग का प्रयास है कि चालक सुविधाओं के साथ सुरक्षित तरीके से बसों का संचालन करें और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
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नोएडा हादसे के बाद मिर्जापुर में वाहनों की जांच:ऑपरेशन कवच और साइलेंट के तहत बस-ट्रक समेत छोटे वाहनों पर कार्रवाई