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मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिन व्यापारियों की दुकानें खत्म हुई हैं, उनके कारोबार को फिर से बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार की ओर से प्रभावित व्यापारियों को सरकारी जमीन पर दुकानें लीज पर देने की योजना बनाई गई है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने सरकारी जमीनों पर करीब 650 दुकानें तैयार कर पीड़ित व्यापारियों को आबंटित करने की घोषणा की है। पूरी प्रक्रिया के लिए करीब 6 महीने का समय मांगा गया है। इसके बाद दुकानों का अलॉटमेंट शुरू करने की बात कही गई है। सर्वे के बाद तैयार हुआ प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावित व्यापारियों का सर्वे कराया गया है। सर्वे के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें आवास विकास, नगर निगम और एमडीए की जमीनें शामिल हैं। संबंधित विभाग अपने स्तर पर कॉम्प्लेक्स तैयार करेंगे। उद्देश्य यह है कि जिन व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है, उन्हें आसपास ही नया स्थान मिल सके। इससे बाजार और व्यापार दोनों को दोबारा खड़ा किया जा सकेगा। अब जानिए कैसा होगा कॉम्प्लेक्स नगर निगम की ओर से अपने नए कार्यालय के पीछे एक कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। इसे मॉडल कॉम्प्लेक्स के तौर पर विकसित किया जा रहा है। आगे बनने वाले अन्य कॉम्प्लेक्स भी इसी मॉडल के आधार पर तैयार किए जाने की योजना है। इनमें दुकानों के साथ पार्किंग, बिजली और सुरक्षा जैसी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। 1000 गज से ज्यादा जमीन पर 72 दुकानें नगर निगम फिलहाल चार मंजिला परिसर तैयार कर रहा है। यह परिसर 1000 गज से ज्यादा जमीन पर बनाया जा रहा है। इसमें कुल 72 दुकानें होंगी। इन दुकानों को सेंट्रल मार्केट और शास्त्री नगर के प्रभावित व्यापारियों को आवंटित करने की योजना है। एक ही परिसर में बड़ी संख्या में दुकानें होने से ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ेगी। इसे देखते हुए पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। बेसमेंट में पार्किंग, बाहर भी जगह कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग बनाई जा रही है। इसके अलावा परिसर के बाहर खुली जगह में भी पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। इससे ग्राहकों के वाहनों के लिए जगह उपलब्ध होगी। साथ ही दुकानदारों को सामान की लोडिंग और अनलोडिंग में भी परेशानी नहीं होगी। सुरक्षा के भी रहेंगे पूरे इंतजाम कॉम्प्लेक्स में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। दुकानों के अंदर फायर एक्सटिंग्विशर रखे जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक फ्लोर पर बाहर की तरफ भी अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे। फायर पाइप की फिटिंग भी की जाएगी। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में आग पर जल्द काबू पाना है। कॉम्प्लेक्स में विद्युत व्यवस्था को भी सुरक्षित रखने की योजना है। बिजली की सप्लाई को अंडरग्राउंड रखा जाएगा। इससे परिसर में खुले तारों से होने वाले जोखिम को कम किया जा सकेगा। अन्य प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में भी इसी तरह की सुविधाएं देने की बात कही गई है। अब पढ़िए जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा…… सांसद बोले पीड़ितों को देंगे कारोबार सांसद अरुण गोविल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि सरकार लगातार व्यापारियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान किया जा रहा है। इसके साथ ही व्यापारियों के रोजगार को बचाना भी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से यह योजना लाई गई है। प्रयास है कि जिन व्यापारियों की दुकानें प्रभावित हुई हैं, उन्हें नई दुकान देकर उनका कारोबार दोबारा शुरू कराया जा सके। जिनकी दुकानें गईं उन सभी को मिलेंगी राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि इस योजना से क्षेत्र में बाजार को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट मेरठ का प्रमुख बाजार रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वहां की दुकानें खत्म हुई हैं। अब नए कॉम्प्लेक्स के जरिए बाजार को दोबारा व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन कॉम्प्लेक्स से बाजार को पहले से बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने में मदद मिलेगी। नगरायुक्त बोले नियमानुसार होगा आबंटन नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि नगर निगम की ओर से एक परिसर का निर्माण किया जा रहा है। अन्य स्थानों पर जहां नगर निगम को कॉम्प्लेक्स बनाने हैं, वहां भी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह के परिसर जल्द तैयार करने का प्रयास है। इनमें निर्धारित मानकों और नियमों का पालन किया जाएगा।
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सेंट्रल मार्केट के प्रभावित व्यापारियों को फिर मिलेगा कारोबार:सरकारी जमीन पर कॉम्पलेक्स बनाकर लीज पर मिलेंगी दुकानें, जानिए कैसा होगा लुक