आरक्षण के मुद्दे पर आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन:आगरा में 'अधिकार हमारा आरक्षण’ के लगाए नारे, दिल्ली में प्रर्दशन की रद्य हुई अनुमति


आरक्षण के मुद्दे को लेकर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आगरा कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सुभाष पार्क से नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने आरक्षण खत्म किए जाने के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ‘जय भीम’, और ‘अधिकार हमारा आरक्षण’ जैसे नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण का कोटा पूरा करने, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने और ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण को कमजोर या खत्म करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को बनाए रखने और बहुजन वर्ग के अधिकारों को सुरक्षित करने की मांग की। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर देशभर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पार्टी की ओर से 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का कार्यक्रम घोषित किया गया था। पार्टी के अनुसार, इसमें आरक्षण, ओबीसी और महिला आरक्षण समेत सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए जाने थे। जिलाध्यक्ष बोले- हर जिले में हो रहा प्रर्दशन आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सौरभ दयाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर जिले में जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि आरक्षण को खत्म न किया जाए और बहुजन वर्ग के अधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम की बात करती है, इसलिए इसे लागू किया जाना चाहिए। पार्टी की ओर से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण में अलग हिस्सेदारी की मांग भी उठाई जा रही है। पार्टी के घोषित दिल्ली आंदोलन में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण और ‘कोटे के अंदर कोटा’ की मांग शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समाज में असमानता और भेदभाव की स्थिति है। उन्होंने कहा कि आरक्षण को खत्म करने के बजाय इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘आरक्षण हम छीन के रहेंगे’ और ‘अधिकार हमारा, आरक्षण हमारा’ जैसे नारे भी लगाए। ‘सरकार डर गई, इसलिए अनुमति नहीं दी’ प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी। चंद्रशेखर आजाद ने भी सार्वजनिक बयान में दावा किया है कि पार्टी ने करीब 20 दिन पहले अनुमति के लिए आवेदन किया था और कार्यक्रम से दो दिन पहले अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने 24 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया। आगरा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन को रोका नहीं गया और अब जिला स्तर पर प्रदर्शन कर मांगें उठाई जा रही हैं। दिल्ली में प्रदर्शन क्यों होना था? आजाद समाज पार्टी ने 24 सितंबर को जंतर-मंतर पर ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का ऐलान किया था। पार्टी की घोषित मांगों में आरक्षण की सुरक्षा, ओबीसी वर्ग के आरक्षण से जुड़े मुद्दे, महिला आरक्षण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी और दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए ‘कोटे के अंदर कोटा’ शामिल था। पार्टी ने 24 सितंबर की तारीख को पूना पैक्ट की वर्षगांठ से भी जोड़ा था। चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, जंतर-मंतर पर अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने देशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया। दिल्ली में अनुमति न मिलने के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *