अरुण कुमार रावत | फिरोजाबाद4 मिनट पहले
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फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार को हड़कंप मच गया। यहां सांप के काटने के बाद इलाज कराने एक सपेरा पहुंचा था। वह जिस सांप को डिब्बे में बंद करके लाया था, उसे अस्पताल के अंदर ही निकाल दिया। सांप डिब्बे से निकलते ही वहां से भाग गया।
सांप को खुले में देखकर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और उनके साथ आए लोगों में दहशत फैल गई। कई मरीज घबराकर अपने बेड से उठकर बैठ गए। ऑक्सीजन लगी होने के बावजूद कुछ मरीज भी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर देखने लगे।
थाना टूंडला क्षेत्र के जरौली कला गांव का रहने वाला सपेरा वसीम था। उसे सांप ने हाथ में काट लिया था। वसीम ने सांप को पकड़ा और एक डिब्बे में बंद करके इलाज कराने सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। अस्पताल में इलाज के लिए वह बेड पर लेटा हुआ था। इसी दौरान उसने डिब्बा खोल दिया और उसमें बंद सांप को बाहर निकाल लिया। सांप बाहर आते ही तेजी से वहां से निकलकर अस्पताल परिसर में कहीं छिप गया।
सभी लोग सांप को ढूंढने लगे
सांप को खुले में देखकर अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके साथ आए लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ देर पहले तक सामान्य चल रही इलाज व्यवस्था के बीच अचानक लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मरीजों में इतना डर फैल गया कि ऑक्सीजन लगी होने के बावजूद कुछ मरीज भी उठकर बैठ गए। अस्पताल स्टाफ और उनके साथ आए लोग भी सांप की तलाश में जुट गए, लेकिन वह नहीं दिखा।
घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने ट्रॉमा सेंटर के वार्ड और आसपास के इलाकों में सांप की तलाश शुरू की। करीब चार घंटे तक खोजबीन की गई, लेकिन सांप का कोई पता नहीं चल सका। अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में सांप की तलाश के दौरान मरीजों और उनके साथ आए लोगों में लगातार डर का माहौल बना रहा।
सांप के अस्पताल के अंदर चले जाने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। अस्पताल में मौजूद लोगों की नजरें लगातार फर्श, बेड के नीचे और आसपास के हिस्सों पर टिकी रहीं। काफी देर तक खोजबीन के बाद भी सांप के नहीं मिलने पर अस्पताल में मौजूद लोगों की चिंता बनी रही।
