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गजरौला। यूपीआई के माध्यम से किए जाने वाले डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के विरोध में कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपा है। जिला कांग्रेस कमेटी अमरोहा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था देश में आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच डिजिटल लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। छोटे दुकानदारों से लेकर मध्यम वर्ग के व्यापारियों तक बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारी पहले से ही विभिन्न खर्चों और आर्थिक दबावों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका जताई गई है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को इस तरह बनाए रखा जाना चाहिए, जिससे आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारी बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के इसका इस्तेमाल कर सकें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीआई ने नकदी पर निर्भरता कम करने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिले और व्यापारियों तथा आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े। ज्ञापन सौंपने के दौरान ऋषि पाल दिगंत, नगर अध्यक्ष अमरजीत कोहली, बाबू, इरकान चौधरी, रियासत अली, रक्षपाल सिंह चौहान, हासिम सैफी, मिथुन, अमीर, जान मोहम्मद, नितिन शर्मा, शकील अहमद, असीम समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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गजरौला में यूपीआई पर एमडीआर शुल्क का विरोध:कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, चार्ज वापस लेने की मांग