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मेरठ के ग्राम जलालाबाद रजवाहे के कुलाबा नंबर-011 की सरकारी नाली से किसानों के खेतों में सिंचाई का पानी जाता है। यह नाली सिसोला कलां बुजुर्ग निवासी तैमूर और उसके भाइयों व उसके बेटे सुक्के उर्फ गफ्फार की डेयरी के गोबर, पेशाब, शौचालय और नहाने-धोने के गंदे पानी से बंद हो गई है। इस वजह से किसानों के खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। केमिकल वाले गंदे पानी से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। कई किसानों के हाथ और पैरों में खुजली जैसी बीमारी भी हो गई है। जब कोई किसान डेयरी और शौचालय का गंदा पानी रोकने के लिए इन लोगों से बात करता है, तो वे दबंगई दिखाते हुए उन्हें डराते-धमकाते हैं। वे कहते हैं कि उनकी डेयरी और शौचालय का पानी बंद नहीं होगा, जहां शिकायत करनी है कर दो और शिकायत करने पर जान से मार देंगे। इसी को लेकर बीते 16 सितंबर को जब कुछ किसानों ने इसका विरोध किया, तो इन लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसकी एफआईआर भी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता किसानों ने डीएम से कहा कि कोई अनहोनी होने से पहले इन दबंगों की डेयरी का गोबर, पेशाब और शौचालय का गंदा पानी सरकारी नाली में बहाने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसानों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए तैमूर, उसके सभी भाई और उनके पिता सुक्के उर्फ गफ्फार पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। किसानों ने बताया कि कई बार समझाने पर भी जब ये लोग नहीं समझे, तब उन्होंने कानून का सहारा लिया है।
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डेयरी संचालक के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन:सरकारी नाली में गंदा पानी छोड़ने का आरोप, फसलें बर्बाद और किसान बीमार