![]()
उन्नाव में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए परिवहन विभाग ने वाहनों में अटेंडेंट की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जिले में 14 जून से 19 सितंबर तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्कूली वाहनों की अचानक जांच की जा रही है। छात्राओं को ले जाने वाले वाहनों में महिला अटेंडेंट की मौजूदगी पर खास जोर दिया जा रहा है। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि एआरटीओ प्रथम संजीव कुमार सिंह और यात्रीकर माल अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय ने अलग-अलग इलाकों में स्कूली वाहनों की जांच की। एआरटीओ प्रथम ने जी-स्कूल और आदर्श विद्या मंदिर के वाहनों का अचानक निरीक्षण किया। जांच में बसों में अटेंडेंट मौजूद मिले। उन्होंने ड्राइवरों और अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी निर्देश दिए और नियमों का पालन करने को कहा। वहीं, यात्रीकर माल अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय ने रिशीकुल विद्या मंदिर, जनक दुलारी और एसजेएस पब्लिक स्कूल के वाहनों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ वाहनों में अटेंडेंट नहीं मिले। इस पर उन वाहनों का चालान किया गया। अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन और वाहन चलाने वालों को भविष्य में हर स्कूली वाहन में अटेंडेंट की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अभियान को सिर्फ वाहनों की जांच तक सीमित नहीं रखा गया है। स्कूल स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्नाव को एक पत्र भेजा है। इसमें सभी स्कूलों में परिवहन सुरक्षा समिति बनाने, स्कूली वाहनों में अटेंडेंट की मौजूदगी पक्की करने और ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन कराने के बाद जानकारी परिवहन विभाग को देने का अनुरोध किया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवर के साथ अटेंडेंट की भूमिका बहुत जरूरी है। खासकर छात्राओं को लाने-ले जाने में महिला अटेंडेंट का होना अहम है।
Source link
स्कूली वाहनों में अटेंडेंट की जांच, बिना परिचर मिले चालान:उन्नाव में ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ के तहत परिवहन विभाग की कार्रवाई