संतराम अग्रहरि हत्याकांड: हाईकोर्ट से अर्जुन पटेल को राहत:पुलिस को कठोर कार्रवाई न करने का आदेश, मृतक के परिवार ने एसपी से की थी शिकायत


सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में अक्टूबर 2024 में संतराम अग्रहरि की हत्या हुई थी। इस मामले में मृतक के बेटे ने एसपी से मिलकर मंगलवार को कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, पुलिस केस में आरोपी बनाए गए अर्जुन पटेल को हाईकोर्ट से राहत मिली है। लखनऊ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की बेंच ने अर्जुन कुमार उर्फ अर्जुन पटेल को इस मामले में राहत दी है। कोर्ट ने उनके पक्ष में दो महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं। पहला आदेश 27 फरवरी 2026 को आया था। इसमें दोस्तपुर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 69/2025 (धारा 209 बीएनएस) और धारा 84 बीएनएसएस के तहत जारी घोषणा आदेश को रद्द करने की याचिका लगाई गई थी। याचिकाकर्ता के वकीलों ने दलील दी कि बिना समन की कॉपी चिपकाए, सीधे धारा 84 बीएनएसएस के तहत फरार घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत जारी घोषणा को अवैध मानते हुए रद्द कर दिया। प्रक्रिया का पालन न होने के कारण धारा 209 बीएनएस के तहत चल रही कार्रवाई को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया। सप्लीमेंट्री हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया कोर्ट ने अर्जुन पटेल को ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होने और निचली अदालत को कानून के हिसाब से आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। दूसरा आदेश 12 मार्च 2026 को आया था। यह एप्लीकेशन यू/एस 528 बीएनएसएस नंबर 1017 ऑफ 2026 से जुड़ा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की तरफ से दाखिल सप्लीमेंट्री हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया। राज्य सरकार (एजीए) को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय दिया गया है। अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 तक, कोर्ट ने अर्जुन पटेल के खिलाफ किसी भी तरह की कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। अर्जुन पटेल का कहना है कि पुलिस अधिकारी बदलने पर परिवार दबाव बनाने के लिए बार-बार उनका नाम घसीटता है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *