लॉरेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का पर्दाफाश:गोरखपुर में पकड़े गए 5 तस्कर, इंस्टाग्राम से बेचते थे पिस्टल-रिवॉल्वर


गोरखपुर एसटीएफ और क्राइम ब्रांच टीम ने जिले में सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को सोमवार की रात विंध्यवासिनी पार्क के पास गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों के लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के संपर्क में होने और उनसे पिस्टल खरीदकर पूर्वांचल में सप्लाई करने की जानकारी सामने आई है। कैंट थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मंगलवार को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम से असलहा बेच रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार के गोपालगंज स्थित विजयीपुर के बड़हरा जगदीशपुर निवासी हाल मुकाम हड़हवा फाटक श्रेयांश यादव उर्फ बबलू,देवरिया कोतवाली के वार्ड नंबर पांच काली मंदिर निवासी अजीत यादव,गोरखनाथ के धर्मशाला बाजार निवासी अभिषेक गौड़ उर्फ भेली,जटेपुर दक्षिणी निवासी राहुल गुप्ता व तिवारीपुर के माधोपुर निवासी अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी के रूप में है। गिरफ्तारी करने वाली एसटीएफ और एंटी थेफ्ट की संयुक्त टीम में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, सुनील राय, उपनिरीक्षक विनायक सिंह, यशवंत सिंह समेत 22 पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच टीम ने सोमवार रात करीब 10:20 बजे पैडलेगंज से मोहद्दीपुर चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के गेट के पास से सभी को पकड़ा। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से अवैध पिस्टल खरीदकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेचने की बात बताई है। सूत्रों के अनुसार एक पिस्टल 30 से 40 हजार रुपये में बेची जाती थी। पिछले तीन वर्षों में गोरखपुर और आसपास के जिलों में 100 से 150 पिस्टल बेचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस अब इस दावे की पुष्टि के लिए आरोपियों के मोबाइल और लेनदेन का ब्योरा खंगाल रही है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि खजनी क्षेत्र के निवासी पीएसी के जवान सूरज यादव व उसके साथी प्रमोद ने हत्या कराने के लिए इसी गिरोह से डेढ़ लाख रुपये में पिस्टल खरीदी थी। एसटीएफ का दावा है कि सिंघड़िया में किराए के कमरे में पर रहने वाले बिहार निवासी शशांक पांडेय ने आरोपियों को लारेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा था। इसके बाद हथियारों की खरीद और सप्लाई का नेटवर्क आगे बढ़ा। एसटीएफ शशांक के साथ ही 10 अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच में उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक नेटवर्क फैले होने की बात सामने आई है। अब पुलिस हथियारों के स्रोत से लेकर खरीदारों तक पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। सोशल मीडिया से भी कारोबार
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में 150 के करीब अवैध पिस्टलों की बिक्री की है। स्थानीय स्तर पर नेटवर्क से जुड़े लोगों को जोड़कर यह गिरोह असलहों की बिक्री कराता था। एसटीएफ और एंटी थेफ्ट सेल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं। पकड़े गए 5 तस्करों पर पहले से दर्ज केस
एसटीएफ और एंटी थेप्ट की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए तस्करों में बिहार गोपालगंज जगदीशपुर बड़हरा के श्रेयांश यादव उर्फ बबलू का भी नाम शामिल है। यह गोरखनाथ इलाके में किराए का कमरा लेकर रहता था। इस पर पहले से कैंट और गुलरिहा में चोरी और अमानत में खयानत के 2 केस हैं। दूसरे आरोपी देवरिया कोतवाली थाना क्षेत्र भटवलिया के अजीत यादव पर हत्या के प्रयास, SC-ST एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत 5 केस दर्ज हैं। तीसरे आरोपी गोरखनाथ धर्मशाला निवासी अभिषेक गौड़ उर्फ भेली पर 2024 में मारपीट का केस है। चौथे आरोपी तिवारीपुर थाना क्षेत्र माधोपुर निवासी अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी पर आर्म्स एक्ट का केस है। इसी तरह धर्मशाला बाजार जटेपुर दक्षिणी के राहुल गुप्ता का भी नाम शामिल है। इसके खिलाफ किसी थाने में केस नहीं मिला है।

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