![]()
संभल में नखासा थाना क्षेत्र के जालब सराय गांव स्थित पीएमश्री विद्यालय में छात्रों को इस्लामिक प्रार्थना कराने के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मंगलवार को अंतरिम राहत मिली। मंगलवार शाम 6 बजे मिले आदेश में कोर्ट ने बीएसए अलका शर्मा के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने 15 दिन में जांच पूरी होने तक निलंबन आदेश स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाध्यापक के वकीलों ने दी दलील निलंबित प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद की याचिका पर न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुनवाई की। प्रधानाध्यापक की ओर से वकील भावेश सिंह जादौन, मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी और सैयद इकबाल अहमद ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिस समय की घटना का आरोप लगाया गया है, उस दौरान प्रधानाध्यापक अस्पताल में भर्ती थे और उन्हें चिकित्सा अवकाश मिला हुआ था। इसलिए कथित प्रार्थना के समय वह स्कूल में मौजूद नहीं थे। 3 सितंबर को जारी हुआ था आरोप पत्र विभाग ने 3 सितंबर 2026 को आरोप पत्र जारी किया था, जिसे 7 सितंबर को मोहम्मद अंजार अहमद को सौंपा गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। विभाग ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 14 नवंबर 2025 से पहले प्रधानाध्यापक स्कूल में हुई प्रार्थना सभा में मौजूद रहे थे। सरकार की ओर से सीएससी नरेंद्र कुमार पांडेय ने कोर्ट में पक्ष रखा। 10 मई को सामने आई थी वीडियो-फोटो 10 मई 2026 को स्कूल की छात्राओं के हिजाब पहनने और छात्रों के जालीदार टोपी लगाने की वीडियो-फोटो सामने आई थी। इसके बाद 11 मई को डीएम अंकित खंडेलवाल, बीएसए अलका शर्मा और तत्कालीन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्कूल पहुंचकर जांच की थी। खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप बीईओ की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि प्रधानाध्यापक ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया और विद्यालय में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा दिया। रिपोर्ट में शासकीय कार्य में बाधा, विद्यालय में धार्मिक उन्माद पैदा करने और निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 17, संविधान के अनुच्छेद 28 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के प्रावधानों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया था। 2014 से विद्यालय में तैनात हैं अंजार मोहम्मद अंजार अहमद की नियुक्ति उर्दू मोअल्लिम के रूप में हुई थी और वह वर्ष 2014 से विद्यालय में तैनात हैं। विभागीय कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि वीडियो-फोटो सामने आने के समय वह चिकित्सा अवकाश पर थे। वीडियो-फोटो सर्दी के दिनों के बताए गए हैं। जांच में इन्हें इसी विद्यालय का बताया गया और कुछ अभिभावकों ने भी वीडियो-फोटो सामने आने के बाद आपत्ति दर्ज कराई थी। 15 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए 15 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब विभागीय जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link
इस्लामिक प्रार्थना के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक को राहत:हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर लगाई रोक, 15 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश