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कासगंज में भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के पदाधिकारियों ने मंगलवार दोपहर 12 बजे किसानों और गरीबों की समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में किसानों के लिए चल रही योजनाओं को सही तरीके से लागू कराने और जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष गुलफाम सिंह ने कहा कि धान की फसल के समय किसानों को पर्याप्त और नियमित बिजली मिलना जरूरी है। बिजली की कमी के कारण सिंचाई प्रभावित होती है और फसल खराब होने का खतरा रहता है। किसानों ने खाद वितरण में किसान आईडी अनिवार्य किए जाने से आ रही परेशानियों को भी अधिकारियों के सामने रखा। भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों का कहना है कि गांवों में बड़ी संख्या में किसानों के आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक नहीं हैं। इसके चलते उनकी किसान आईडी नहीं बन पा रही है। किसान आईडी नहीं होने से उन्हें यूरिया और डीएपी खाद लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि खाद लेने के लिए किसान आईडी की अनिवार्यता से राहत दी जाए और आधार कार्ड के जरिए किसानों को यूरिया व डीएपी उपलब्ध कराया जाए, ताकि फसल के समय उन्हें खाद के लिए परेशान न होना पड़े। धान की फसल के लिए नियमित बिजली की मांग ज्ञापन में धान की फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। किसानों का कहना है कि बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं होने पर समय से सिंचाई नहीं हो पाती। इससे फसल प्रभावित होने के साथ किसानों की लागत भी बढ़ती है। संगठन ने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बेहतर कराने और किसानों को सिंचाई के समय पर्याप्त बिजली देने की मांग की है। आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए रात में करनी पड़ती है रखवाली किसानों ने गांवों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या भी उठाई। उनका कहना है कि खेतों में घुसने वाले पशु फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को रात-रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। इससे उन्हें परेशानी के साथ अतिरिक्त समय भी खेतों में बिताना पड़ रहा है। भाकियू ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की, ताकि किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए रात में खेतों की पहरेदारी न करनी पड़े। बाढ़ से खराब फसल का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग ज्ञापन में गंगा नदी के आसपास के गांवों में बाढ़ से खराब हुई फसलों का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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किसानों ने बिजली-खाद और आवारा पशुओं पर आवाज उठाई:खाद वितरण में किसान ID की अनिवार्यता खत्म करने की मांग