अब्दुल्लाह हॉल प्रदर्शन पर फर्जी पोस्ट से हड़कंप:एक्स अकाउंट से पुलिस पर लाठीचार्ज-फायरिंग का आरोप, अलीगढ़ पुलिस बोली- कैंपस में हमारी कार्रवाई ही नहीं हुई, FIR दर्ज


अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के अब्दुल्लाह हॉल में सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित भ्रामक पोस्ट को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ‘अनुशी तिवारी इंडियन’ नाम के अकाउंट से किए गए पोस्ट में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, गोली चलाने और भगदड़ जैसे दृश्य दिखाए गए। पोस्ट के जरिए अलीगढ़ पुलिस को कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया गया। पोस्ट में दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन का हवाला देते हुए विश्वविद्यालयों में भी छात्रों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया।
पोस्ट पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर ही इसका जवाब देते हुए दावे को खारिज किया। पुलिस ने साफ किया कि अब्दुल्लाह हॉल में प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ पुलिस ने न तो लाठीचार्ज किया और न ही फायरिंग की। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर के अंदर हुआ था और वहां छात्रों को नियंत्रित करने की कार्रवाई एएमयू के सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई थी।
एएमयू प्रशासन बुलाए तभी कैंपस जाती है पुलिस
अलीगढ़ पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि एएमयू परिसर में पुलिस की नियमित तैनाती नहीं रहती। विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था अलग है। नियम के अनुसार एएमयू प्रशासन की मांग या बुलावे पर ही पुलिस कैंपस में जाती है। सोमवार को अब्दुल्लाह हॉल में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस की ओर से वैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जैसा कि सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया। पुलिस के मुताबिक एएमयू के सुरक्षाकर्मी प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद थे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारी वर्दी में रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर हुई कार्रवाई को सीधे अलीगढ़ पुलिस से जोड़ने के दावे को पुलिस ने गलत बताया है।
पोस्ट की जांच में सामने आया साउथ एशिया बेस्ड संदिग्ध अकाउंट
मामला सामने आने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने संबंधित अकाउंट की प्राथमिक जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार अकाउंट की प्रोफाइल साउथ एशिया बेस्ड दिखाई दे रही है। अकाउंट पर इसी तरह की कई अन्य पोस्ट भी मिली हैं। इसके बाद पुलिस ने केवल पोस्ट की सत्यता ही नहीं, बल्कि अकाउंट संचालक की पहचान और उसकी गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट वास्तव में कौन संचालित कर रहा है। पोस्ट में इस्तेमाल किए गए वीडियो और तस्वीरें कहां की हैं, इन्हें किस समय और किस घटना से संबंधित बताया गया था और इन्हें अब्दुल्लाह हॉल के प्रदर्शन से जोड़ने का आधार क्या था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
FIR के बाद साइबर सेल जुटी, अलीगढ़ कनेक्शन भी खंगाला जा रहा
मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइंस पुलिस की सोशल मीडिया सेल और जिला पुलिस की सोशल मीडिया टीम की ओर से सिविल लाइंस थाने में अकाउंट संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब साइबर सेल के स्तर से अकाउंट की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अकाउंट संचालक का अलीगढ़, एएमयू या सोमवार को हुए छात्र प्रदर्शन से कोई सीधा अथवा अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। पुलिस पोस्ट के पीछे की मंशा, अकाउंट से पूर्व में किए गए पोस्ट और सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है।
वीडियो में दर्शायी घटना को एएमयू से जोड़ने पर सवाल
पुलिस की जांच का एक अहम बिंदु ये भी है कि सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल किए गए दृश्यों की सत्यता क्या है। पुलिस यह पता लगा रही है कि लाठीचार्ज, फायरिंग और भगदड़ जैसे दिखाए गए दृश्य वास्तव में कहां के हैं। पुराने या किसी अन्य घटना के वीडियो को अब्दुल्लाह हॉल की घटना बताकर प्रसारित किया गया है जिससे सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने का मामला बनता है। इसी पहलू पर साइबर सेल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस ने कहा- कार्रवाई का गलत ठीकरा फोड़ा गया
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब्दुल्लाह हॉल में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। सोशल मीडिया पर अलीगढ़ पुलिस को कार्रवाई के लिए जिम्मेदार बताते हुए पोस्ट किया गया दावा गलत और भ्रामक है।
पुलिस अब अकाउंट संचालक तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ पोस्ट की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पोस्ट किसने किया, उसके पीछे क्या मंशा थी और इसका अलीगढ़ या एएमयू से कोई कनेक्शन है या नहीं।

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