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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल में छात्रों से इस्लामी प्रार्थना कराने और उन्हें एक विशेष समुदाय से संबंधित दिखाने वाली वर्दी पहनाने के आरोप में निलंबित शिक्षक को राहत दे दी।
हाईकोर्ट ने विभागीय जांच जल्द पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक शिक्षक का निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभागीय जांच को कानून के अनुसार जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच को प्राथमिकता के आधार पर, संभव हो तो 15 दिन के भीतर पूरा किया जाए। क्या था मामला जानिये मामले में संभल के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 10 मई 2026 को शिक्षक को निलंबित किया। शिक्षक उस समय स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के तौर पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ आरोप लगाया गया कि स्कूल में छात्र इस्लामी प्रार्थना कर रहे थे और ऐसी वर्दी पहन रहे थे, जिससे वे एक विशेष समुदाय से संबंधित नजर आते थे। शिक्षक की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि जिस अवधि के दौरान ये गतिविधियां होने का आरोप है, उस समय वह स्वीकृत मेडिकल अवकाश पर थे। शिक्षक बोले उनके सामने कुछ नहीं हुआ उनका कहना है कि कथित गतिविधियां उनके कार्यकाल के दौरान हुई ही नहीं थीं। यह भी दलील दी गई कि जब छात्र कथित रूप से प्रार्थना कर रहे थे तब शिक्षक वहां मौजूद नहीं थे। शिक्षक की ओर से यह भी कहा गया कि यदि उन्हें उस समय प्रभारी प्रधानाध्यापक मान भी लिया जाए तब भी लगाए गए आरोप इतने गंभीर नहीं हैं कि उनके खिलाफ बड़ी सजा की कार्रवाई की जाए। राज्य के वकीलों ने विरोध किया राज्य सरकार की ओर से हालांकि इन दलीलों का विरोध किया गया। सरकारी वकील ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शिक्षक उस समय प्रार्थना के दौरान मौजूद थे, जब छात्र इस्लामी प्रार्थना कर रहे थे और ऐसी वर्दी पहने हुए थे, जिससे उनके एक विशेष समुदाय से संबंधित होने का संकेत मिलता था। इसके जवाब में शिक्षक ने अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित दस्तावेजों का हवाला दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस स्तर पर आरोपों की सच्चाई या झूठ पर कोई निष्कर्ष देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि शिक्षक अपने बचाव में चिकित्सकीय अवकाश और अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े दस्तावेज विभागीय जांच के दौरान पेश कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा, “विभागीय जांच के दौरान याचिकाकर्ता को अपनी निर्दोषता साबित करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।” जांच पूरी होने तक निलंबन प्रभावी नहीं हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए निर्देश दिया कि शिक्षक के खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच को कानून के अनुसार जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए और संभव हो तो 15 दिन के भीतर इसे पूरा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा और उसका भविष्य विभागीय जांच के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगा।
छात्रों से धार्मिक प्रार्थना कराने के आरोप में निलंबित शिक्षक को हाईकोर्ट ने 15 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को शिक्षक को सभी जरूरी दस्तावेज भी तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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छात्रों से इस्लामी प्रार्थना कराने वाले शिक्षक को राहत:हाईकोर्ट ने कहा निलंबन आदेश प्रभावी नहीं, 15 दिन में जांच पूरी करें