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शाहजहांपुर की सदर तहसील में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे अधिवक्ताओं और एसडीएम सदर के बीच विवाद हो गया। कुछ वकील अपनी समस्याएं बताने एसडीएम के दफ्तर पहुंचे थे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें अपने चैंबर से भगा दिया। उन्होंने एसडीएम पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। वकीलों का यह भी आरोप है कि एसडीएम ने पुलिस से उन पर लाठी चलाने को कहा। यह घटना तब हुई जब एसडीएम सदर अपने दफ्तर में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। उसी दौरान कुछ वकील अपनी शिकायतें लेकर उनसे मिलने पहुंचे। समस्याओं को लेकर वकीलों और एसडीएम के बीच बहस शुरू हो गई। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें चैंबर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो एसडीएम ने कथित तौर पर पुलिस से वकीलों पर लाठी चलाने को कहा। वकीलों का कहना है कि एसडीएम समस्याओं को सुनने के लिए हैं, यह उनका निजी चैंबर नहीं है। बदतमीजी करने का ऑडियो वायरल हुआ था इस घटना के बाद वकील इकट्ठा हो गए और एसडीएम पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, एसडीएम भी अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, एसडीएम ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। अधिवक्ता रजजन बाबू मिश्रा ने बताया कि कुछ वकील एसडीएम सदर से मिलने उनके चैंबर में गए थे। एसडीएम ने उनके साथ बदतमीजी की और उन्हें चैंबर से बाहर जाने को कहा।मिश्रा ने कहा कि यह चैंबर एसडीएम का निजी नहीं है। उन्होंने एसडीएम के व्यवहार को ‘राजा वाला’ बताया।मिश्रा ने यह भी बताया कि पहले भी एसडीएम का किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ फोन पर बदतमीजी करने का एक ऑडियो वायरल हुआ था। वकीलों ने मांग की है कि एसडीएम के आचरण की उच्चस्तरीय जांच की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई हो।उनका कहना है कि एसडीएम को चैंबर से वकीलों को भगाने का कोई अधिकार नहीं है।उन्होंने यह भी दोहराया कि एसडीएम ने इंस्पेक्टर से लाठी चलाने को कहा था। अधिवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन महीने में तीन एसडीएम और दो तहसीलदार बदले जा चुके हैं।
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एसडीएम ने अधिवक्ताओं को चैंबर से भगाया:अधिवक्ता बोले- एसडीएम ने पुलिस से लाठी चलाने को कहा, कार्रवाई की मांग पर अड़े वकील