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उन्नाव में पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इसके बाद पश्चिम के बांधों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका सीधा असर गंगा के जलस्तर पर दिख रहा है। शुक्लागंज में गंगा फिर उफान पर है। तटवर्ती और रिहायशी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। कई मोहल्लों में सैकड़ों मकान डूब गए हैं। पानी घरों तक पहुंचने के बाद लोग छतों पर रह रहे हैं, जबकि कई परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.530 मीटर था। सोमवार शाम छह बजे यह बढ़कर 112.710 मीटर हो गया। मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर 112.850 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक करीब 22 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह लगभग 24 घंटे में हर घंटे करीब एक सेंटीमीटर पानी बढ़ा। गंगा अब खतरे के निशान 113 मीटर से सिर्फ 15 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का पानी चंपापुरवा, तेजीपुरवा, कर्बला, सैय्यद कंपाउंड, हुसैन नगर, मोहम्मद नगर, रविदास नगर, श्रीनगर और मालवीय नगर जैसे कई मोहल्लों में पहुंच गया है। इन इलाकों में सैकड़ों मकान बाढ़ की चपेट में हैं। कई घरों के कमरों और आंगन में पानी भरने से लोगों का घरेलू सामान भी खराब हो गया है। गलियों में पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इलाकों में भी खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी फैल गया है। रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचने के बाद सुरक्षा के लिए कई प्रभावित मोहल्लों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पीने के पानी, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। कई परिवार बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।
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गंगा उफान पर, 24 घंटे में 22 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर:उन्नाव में 15 सेंटीमीटर नीचे खतरे का निशान, छतों पर रहने को मजबूर परिवार