डिप्टी-सीएम ने कहा-सड़क बनेगी तो धंसेगी ही, धंसेगी तो बनेगी:4400 करोड़ का राम वन गमन पथ धंसने पर दिया जवाब, सपा ने कहा- राम के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ


प्रयागराज में राम वनगमन पथ मार्ग के धंसने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठने के बाद प्रयागराज पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जब इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी, यह नॉर्मल है।” उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दानबहादुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को सम्मान देने जैसा है और इससे साफ है कि जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है। सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राम के नाम पर बनने वाली परियोजना में भ्रष्टाचार हुआ है और अब उसे सामान्य बताने की कोशिश की जा रही है। पढ़िए क्या कहा डिप्टी सीएम ने- अरे यार, सड़क धंस- बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी। यह तो एक नॉर्मल है, अगर बरसात इतनी होगी तो सड़क क्या, बड़े-बड़े पुल… अभी नेपाल में इतनी बड़ी बाढ़ आई, पुल के पुल बह के चले गए। वो अलग बात है, लेकिन कहीं कोई गुणवत्ता खराब होगी तो उसकी जांच करा के जो दोषी होंगे, कार्रवाई करेंगे। लेकिन अगर कोई सड़क धंसी है तो उसको सुधार करेंगे।” सपा प्रवक्ता ने कहा- एक जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा इस तरह का बयान देना बेहद शर्मनाक है सपा प्रवक्ता दान बहादुर सिंह ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का बयान बेहद शर्मनाक है और यह कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को सामान्य बात बताने के साथ जनता के प्रति सरकार की खत्म हो चुकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह जनता के टैक्स का पैसा है और सड़क धंसने की जिम्मेदारी ठेकेदार, ठेका देने वाले अधिकारी-कर्मचारी और सरकार सभी की बनती है। मीडिया के सवाल उठाने पर अगर उपमुख्यमंत्री इसे सामान्य घटना बताते हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि पुल टूटना, सड़कें धंसना और सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं होना क्या सामान्य बात है या फिर उनकी जनता के प्रति संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है। दान बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पूरे सिस्टम में व्याप्त है और इसमें जिम्मेदार लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री पहले PWD मंत्री भी रहे हैं और उनकी सरकार में बने एक्सप्रेस-वे, पानी की टंकियां और हर घर जल योजना से जुड़े निर्माण भी कई जगह सवालों के घेरे में रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम वनगमन पथ का काम निर्धारित समय में पूरा होना था, लेकिन समय बढ़ाए जाने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी और उद्घाटन से पहले ही सड़क धंस गई। सपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार अपनी जवाबदेही स्वीकार नहीं कर रही है, जबकि जनता जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता इसका जवाब देगी और सिराथू का उदाहरण सामने है। दान बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में अपनी सीट और अपनी जगह तलाश रहे हैं और इसी राजनीतिक आपाधापी में वह जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
4400 करोड़ से 210 किमी लंबा बन रहा राम वनगमन पथ राम वनगमन पथ परियोजना के तहत अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनवाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 4,400 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसका उद्देश्य अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, शृंगवेरपुर धाम, कौशांबी और चित्रकूट जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क मार्क से जोड़ना है। इन्हीं रास्तों से होकर प्रभु श्रीराम वनवास गए थे। इस परियोजना को दिसंबर, 2024 में बनकर तैयार होना था, लेकिन डेढ़ साल की देरी के बाद ये प्रोजेक्ट बनकर लगभग तैयार हो गया है। कहा जा रहा था कि जल्द ही PM मोदी और CM योगी द्वारा इसका उद्घाटन कर सकते हैं। 2022 में हुआ था शिलान्यास राम वनगमन पथ परियोजना का साल 2022 में शिलान्यास किया गया था। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस परियोजना के पूरा होने से अयोध्या से प्रयागराज और चित्रकूट तक श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होने की उम्मीद है।

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