![]()
आगरा में शुक्रवार रात बारिश से हुए जलभराव के चलते नाले में गिरे बुजुर्ग की मौत ने नगर निगम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिजन ही नहीं आसपास के लोग बुजुर्ग की मौत के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है, ये हादसा नहीं बल्कि नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसकी वजह से बुजुर्ग की मौत हुई।
दैनिक भास्कर 4 जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में बताएगा, जिनकी लापरवाही की वजह से बुजुर्ग की जान गई। अगर, समय रहते नगर निगम के अधिकारी चेत जाते तो शायद बुजुर्ग की जान बच सकती थी। पहले घटनाक्रम जानिये…
केदार नगर निवासी ओम प्रकाश देवानी शुक्रवार रात को काम से साइकिल से लौट रहे थे। बारिश होने के चलते वो रास्ते में रूक गए। जब बारिश बंद हुई तो वो घर के लिए निकले। सवा 11 बजे राजकमल इंटर कॉलेज के पास सड़क पर जलभराव था। पानी के चलते ओम प्रकाश को खुला हुआ नाला दिखाई नहीं दिया। वो साइकिल समेत नाले में समा गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें नाले से निकाला। परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद परिजन उन्हें घर ले गए। थोड़ी देर में उनकी तबियत बिगड़ गई। परिजन उन्हें करीब 12 बजे अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार किया। अब घटनास्थल के बारे में जानिये…
केदार नगर स्थित राजकमल स्कूल के पीछे जिस जगह बुजुर्ग नाले में गिरे, वह खुला हुआ है। नाले के एक तरफ सड़क है तो दूसरी तरफ खाली मैदान। नाले के ऊपर बाउंड्री भी नहीं है। सामान्य दिनों में नाले में पानी बहता नजर आता है लेकिन जब जलभराव हो जाता है तो सड़क, नाला और खाली मैदान एक हो जाता है। पता नहीं चलता है कि कहां नाला है और कहां सड़क।
यह समस्या सालों से बनी हुई है। बारिश के दिनों में क्षेत्र के हालात नारकीय हो जाते हैं। यहां सड़क पर 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में राहगीरों को नाले की स्थिति के बारे में पता ही नहीं चल पाता। अब घटना के जिम्मेदारों के बारे में जानिये… जिम्मेदार – 1
नाम: राजीव बालियान, जेडएसओ, लोहामंडी जोन
लापरवाही: इनकी जिम्मेदारी क्षेत्र में नियमित सफाई, नाला सफाई तथा इनके रखरखाव की नियमित निगरानी करना और इनका अनुपालन कराना। मगर, इन्होंने खुले नाले को ढकवाने का प्रयास नहीं किया। जिम्मेदार – 2
नाम: डा. संजीव वर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
लापरवाही: इनकी जिम्मेदारी कर्मचारियों के माध्यम से नियमित नाला सफाई की है। इन्होंने नाला सफाई अभियान के दौरान निरीक्षण नहीं किया। न ही संबंधित अधिकारियों को नाला खुला होने की जानकारी दी। जिम्मेदार – 3
नाम: अशोक प्रिय गौतम, सहायक नगर आयुक्त
लापरवाही: मशीनों के माध्यम से नालों की सफाई कराना। इन्होंने भी नाला सफाई अभियान का निरीक्षण नहीं किया। न ही संबंधित अधिकारियों को इस नाले के ढकने के संबंध में कोई दिशा निर्देश दिए। जिम्मेदार – 4
नाम: संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
लापरवाही: क्षेत्रीय पार्षद द्वारा नाला ढकने की उठाई गई मांग पर अमल नहीं कराया। न ही निरीक्षण कर केदार नगर में सालों पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान के संबंध में कोई कदम उठाया। पार्षद उठा चुके हैं मांग केदार नगर के पार्षद गुड्डू मेनन 6 महीने पहले इस नाले को ढकने की मांग उठा चुके हैं। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया था कि जलभराव के दौरान नाला हादसे का सबब बन सकता है। इसे ढकना जरूरी है। इसके बाद भी नगर निगम अधिकारियों ने उनकी शिकायत को नजरअंदाजा किया।
Source link
आगरा नगर निगम की लापरवाही से गई बुजुर्ग की जान:पार्षद की शिकायत नजरअंदाज, 4 अधिकारी हैं हादसे के जिम्मेदार