आजमगढ़ में हिरासत में लिए सपा कार्यकर्ता रिहा:प्रदर्शन के बाद थाने ले गई थी पुलिस, नेताओं के देर से पहुंचने पर उठे सवाल


आजमगढ़ के हरिऔध कला भवन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने करीब सात घंटे बाद बुधवार देर रात 11 बजे रिहा कर दिया। कार्यकर्ता परिसर में भाजपा के कार्यक्रमों के आयोजन और महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति के एक राजनीतिक-सांगठनिक कार्यक्रम में शामिल होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया था। रिहाई के बाद समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति किसी राजनीतिक या सांगठनिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कैसे शामिल हो सकते हैं। करीब छह से सात घंटे तक हिरासत में रहने के बाद कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के देर से थाने पहुंचने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। भाजपा के कार्यक्रम को लेकर जताया विरोध दुर्गेश यादव ने बताया कि सपा कार्यकर्ता हरिऔध कला भवन के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि भाजपा परिसर का इस्तेमाल अपने कार्यालय और सांगठनिक कार्यक्रमों के लिए कर रही है, जबकि अन्य सामाजिक संगठनों को यहां कार्यक्रम कराने या परिसर बुक कराने में आसानी नहीं होती। इसी मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने लेकर पहुंची। इसके बाद कार्यकर्ताओं को कई घंटे तक थाने में रखा गया। कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने पर उठाया सवाल सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति संजीव कुमार जी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। सपा कार्यकर्ताओं का सवाल था कि विश्वविद्यालय के कुलपति राज्यपाल के प्रतिनिधि होते हैं, ऐसे में उनका किसी राजनीतिक या सांगठनिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उचित है या नहीं। इसी सवाल को लेकर कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया था। रात 11 बजे थाने से छोड़े गए कार्यकर्ता प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए सपा कार्यकर्ताओं को करीब छह से सात घंटे बाद रात 11 बजे पुलिस ने रिहा कर दिया। रिहाई के बाद कार्यकर्ता अपने घरों को लौट गए। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी। वहीं, पुलिस की ओर से हिरासत और रिहाई को लेकर विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। वरिष्ठ नेताओं के देर से पहुंचने पर चर्चा कार्यकर्ताओं की हिरासत के दौरान वरिष्ठ नेताओं के थाने पहुंचने को लेकर भी सवाल उठे। जब दुर्गेश यादव से पूछा गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे मिलने या उनकी रिहाई के लिए थाने पहुंचे थे या नहीं, तो उन्होंने कहा कि जिले के वरिष्ठ नेता पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे। उनके मुताबिक, नेताओं के कई कार्यक्रम पहले से निर्धारित थे, इसलिए उन्हें थाने पहुंचने में समय लगा। हालांकि, कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद पार्टी के भीतर इस बात को लेकर चर्चा है कि जिले में कई विधायक, सांसद और एमएलसी होने के बावजूद उनकी रिहाई के लिए वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता शुरुआत में क्यों नहीं दिखी। अब इस मामले में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हरिऔध कला भवन के इस्तेमाल और कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।

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