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ललितपुर के मेडिकल कॉलेज में एक महिला की मौत के बाद शव ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला। इसके बाद परिजन शव को ट्राइसाइकिल पर बांधकर लगभग 8 किलोमीटर दूर तक ले गए। रास्ते में लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव वाहन की व्यवस्था कर शव को घर तक पहुंचाया। यह घटना शुक्रवार, 28 अगस्त की है। परिजन शव को ट्राइसाइकिल से घर तक ले जाने में लगभग 12 घंटे लगे। राजू सेन, जो महिला के रिश्तेदार थे, ने बताया कि उन्होंने लोगों के पूछने पर कहा कि वे मूर्ति ले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को शव वाहन के लिए कहा गया था, लेकिन वे शव ले गए। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उनसे कहा कि शव को ऐसे ही ले जाओ। थाना बार अंतर्गत ग्राम गदयाना निवासी राजू सेन ने बताया कि 35 वर्षीय दिव्यांग रश्मि, जो रिश्ते में उनकी मामी थीं, पिछले दो साल से उनके साथ पत्नी के रूप में रह रही थीं। रश्मि ने अपने पति और दो पुत्रियों को छोड़कर एक पुत्र के साथ राजू के साथ रहना शुरू किया था। एक महीने पहले उनके एक पुत्र की मौत हो गई थी, जिसके बाद से रश्मि बीमार थीं। शुक्रवार सुबह 11:30 बजे राजू सेन अपने दस साल के पुत्र आशिक के साथ रश्मि को ट्राइसाइकिल से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजू सेन का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उनसे कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई से बचना है तो शव ले जाओ। इसके बाद वह शव को ट्राइसाइकिल पर बांधकर घर की ओर निकल पड़े। रात करीब 8 बजे, अस्पताल से 8 किलोमीटर दूर कुछ लोगों ने उनसे पूछताछ की, तब घटना की जानकारी सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव वाहन बुलाकर शव को गदयाना गांव स्थित उसके घर तक पहुंचाया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने इसकी पुष्टि की।
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ललितपुर मेडिकल कॉलेज में शव वाहन नहीं मिला:परिजन ट्राइसाइकिल पर 8 किमी ले गए शव, पुलिस ने पहुंचाया घर