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लखनऊ से कर्बला और नजफ की ज़ियारत का ख्वाब रखने वालों के लिए खुशखबरी है। मोकेब इश्क़-ए-इलाही ने हर जुमेरात को सैकड़ों लोगों की नियाबत में भारतीयों को मुफ्त ज़ियारत कराने की नई पहल शुरू की है। आयतुल्लाह सैयद अली सिस्तानी के भारत में नुमाइंदे आगा अशरफ अली ग़रवी की सरपरस्ती में मोकेब इश्क़-ए-इलाही के ज़ेरे-एहतमाम कर्बला और नजफ की नायबत-ए-ज़ियारत का मुफ्त इंतज़ाम किया गया है। इस पहल का ऐलान कार्यक्रम के ऑर्गनाइज़र आगा सागर मेहदी एडवोकेट ने किया। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद उन अकीदतमंदों को भी ज़ियारत की रूहानी सआदत से जोड़ना है, जिनके दिल में कर्बला और नजफ की हाज़िरी की शदीद तमन्ना है, लेकिन आर्थिक, उम्र या दूसरे हालात के कारण वे खुद वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस पहल के तहत अकीदतमंद अपने नाम के अलावा अपने वालिदैन, अज़ीज़ों और मरहूमीन के नाम से भी नायबत-ए-ज़ियारत करवा सकेंगे। यह सिलसिला सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि मोहब्बत, अकीदत और दुआ को कर्बला से जोड़ने की कोशिश है। खास बात यह है कि नायबत-ए-ज़ियारत का यह रूहानी सिलसिला हर जुमेरात को जारी रहेगा। आगा सागर मेहदी एडवोकेट ने कहा कि कर्बला और नजफ की ज़ियारत की सआदत सिर्फ उन्हीं लोगों तक महदूद नहीं होनी चाहिए जो सफर का खर्च उठा सकते हैं। अगर किसी दिल में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मोहब्बत और ज़ियारत की तमन्ना है, तो उस दिल को कर्बला से जोड़ना ही इस पहल का असल मकसद है।
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कर्बला और नजफ की मुफ्त ज़ियारत:उम्र और पैसा नहीं बनेंगे रुकावट; लखनऊ में मोकेब इश्क़-ए-इलाही की पहल