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देश के कई हिस्सों में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि हो रही है। ऐसे में प्रयागराज केस्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय ने संभावित मरीजों की समय पर पहचान, परीक्षण और गंभीर मरीजों के प्रबंधन के लिये सतर्कता बढ़ा दी है। अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड रिजर्व कर दिया है। साथ ही मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, बाल रोग, एनेस्थीसिया और अन्य विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से ILI (Influenza Like Illness) और SARI (Severe Acute Respiratory Infection) की निगरानी तेज रखने तथा अस्पतालों में N95 मास्क, PPE, ओसेलटैमिविर और अन्य जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह वृद्धि मौसमी पैटर्न का हिस्सा है और फिलहाल किसी नए या अधिक जानलेवा H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। SRN की स्थानीय तैयारियां मेंडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, फिर भी बुखार या सांस संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें। अस्पताल संसाधनों की समीक्षा चल रही है। फ्लू जैसे लक्षण (तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई) वाले मरीजों की त्वरित पहचान और जरूरत पड़ने पर सैंपलिंग/लैब जांच कराएं। हॉस्पिटल में गंभीर श्वसन संक्रमण वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट, मॉनिटरिंग, वेंटिलेटर, ICU और क्रिटिकल केयर उपलब्ध रहेंगे। संबंधित विभागों का समन्वय, दवाइयों व आवश्यक सामग्री की समीक्षा जारी है। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मास्क पहनना, हैंड हाइजीन और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। अस्पताल के डॉक्टर्स बोले प्रमुख अधीक्षक प्रो. डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संक्रमण नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज माथुर अधिक जोखिम वाले समूह बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से रोगी (डायबिटीज, हृदय, फेफड़ा, किडनी या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता) समय पर चिकित्सीय परामर्श लें। सांस फूलना, ऑक्सीजन स्तर कम होना, भ्रम या बेहोशी जैसी स्थितियों में तुरंत अस्पताल लाएं। लक्षण और बचाव अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना/बंद होना, सिरदर्द, बदन में दर्द और अत्यधिक थकान; कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई। खांसते/छींकते समय मुंह-नाक ढकें, हाथों को साबुन-पानी से धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें, बीमार लोग निकट संपर्क कम रखें, और बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीवायरल/एंटीबायोटिक न लें। ICMR की टिप्पणी ICMR ने कहा है कि वर्तमान वृद्धि मौसमी pdm09 H1N1 वायरस के कारण है और अभी तक कोई नया खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है। समय पर पहचान, उचित उपचार और संक्रमण-रोकथाम के सामान्य उपाय बीमारी की गंभीरता और प्रसार घटाने में महत्वपूर्ण हैं। देश में हाल की स्थिति
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प्रयागराज में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट:स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में वार्ड रिजर्व, ऑक्सीजन-वेंटिलेटर-ICU तैयार