सुखबीर सिंह बादल और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन हो सकता है। ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों दल गठबंधन को फिर से अंतिम रूप देने के करीब हैं। इस बार BJP गठबंधन में सीनियर पार्टनर की भूमिका में आ सकती है।
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सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। इसका एक संकेत यह है कि SAD ने कथित तौर पर अपने नेताओं से ग्रामीण क्षेत्रों की सीटों पर तैयारी नहीं करने को कहा है।
वहीं, BJP ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी तेज कर दी है। BJP के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने हालिया पंजाब दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को सभी सीटों पर तैयारी करने के निर्देश दिए। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज नहीं किया।
BJP का 117 सीटों पर तैयारी करना और SAD का ग्रामीण सीटों पर अपनी तैयारी कम करना, गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चाओं को और बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि BJP इस बार गठबंधन में पहले से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
BJP और SAD लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन में रहे हैं। दोनों दलों ने 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर गठबंधन तोड़ दिया था। बाद में ये कृषि कानून वापस ले लिए गए।

पंजाब दौरे की रिपोर्ट तैयार कर बीएल संतोष राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को देंगे।
ढिल्लों बोले- गठबंधन में नहीं, वड़िंग बोले- कसम खाओ
हालांकि इससे पहले मंगलवार को BJP के पंजाब प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने SAD के साथ गठबंधन की चर्चाओं पर कहा कि पार्टी किसी गठबंधन में नहीं है और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि BJP अकेले चुनाव लड़कर सरकार बनाएगी।
ढिल्लों के इस बयान पर कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि BJP कसम खाकर बताए कि वह SAD के साथ गठबंधन नहीं कर रही है।
राष्ट्रीय महामंत्री ने नेताओं से फीडबैक लिया
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष पंजाब दौरे पर पहुंचे। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के नेताओं से फीडबैक लिया। कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद उन्होंने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने के निर्देश दिए।
बीएल संतोष ने 25 अगस्त को लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। लुधियाना में उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं और दूसरे दलों से बीजेपी में आए नेताओं से संगठन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और नए कार्यकर्ताओं का स्वागत किया जाना चाहिए। बीएल संतोष पंजाब दौरे की रिपोर्ट तैयार कर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को सौंपेंगे।

बठिंडा की बैठक में शामिल BJP नेता और वर्कर्स।
बीएल संतोष के दौरे पर अब तक क्या-क्या हुआ
- बीएल संतोष के दौरे से बढ़ी हलचल: भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के पंजाब दौरे से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। दो दिवसीय सांगठनिक दौरे पर पहुंचे बीएल संतोष का मुख्य उद्देश्य राज्य में संगठन की स्थिति की समीक्षा करना और कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी हकीकत को समझना है।
- पटियाला और बठिंडा में जोनल बैठकें: दौरे के पहले दिन बीएल संतोष ने पटियाला और बठिंडा में महत्वपूर्ण जोनल बैठकें कीं। इन बैठकों में संबंधित जिलों के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
- गठबंधन पर वर्करों की स्पष्ट राय: बैठकों के दौरान जब SAD के साथ फिर से गठबंधन को लेकर चर्चा हुई, तो अधिकांश कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अकेले चुनाव लड़ने की वकालत की। कार्यकर्ताओं का तर्क था कि पार्टी को अपने दम पर मजबूत आधार बनाना चाहिए।
- सभी 117 सीटों पर लड़ने की घोषणा: कार्यकर्ताओं के रुझान और जमीनी फीडबैक को देखते हुए बीएल संतोष ने पहली ही बैठक में स्पष्ट कर दिया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
- बूथ स्तर को मजबूत करने का निर्देश: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केंद्रीय सरकार की योजनाओं और नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएं और बूथ स्तर तक सांगठनिक ढांचे को दुरुस्त करें। उन्होंने कहा कि पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति कर बूथ पर संगठन को मजबूत करें। इसके लिए नेताओं को प्रवास करना होगा।

रखड़ पूनियां में रैली स्थल का जायजा लेते BJP नेता।
रखड़ पूनियां से सिख बाहुल क्षेत्र में भाजपा दिखाएगी ताकत
बाबा बकाला के ऐतिहासिक रखड़ पूनियां में होने वाली राजनीतिक कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा एक बड़ा सियासी संदेश देने की तैयारी में है। यह पहला मौका है जब भाजपा इस पारंपरिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक कॉन्फ्रेंस करने जा रही है।
इस रैली का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सिख बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना और पार्टी के जनाधार का विस्तार करना है। इस बड़े आयोजन के माध्यम से भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी सांगठनिक क्षमता का प्रदर्शन करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस रैली के जरिए भाजपा शिरोमणि अकाली दल को भी अपनी राजनीतिक ताकत का एहसास कराना चाहती है। यदि भविष्य में दोनों दलों के बीच किसी भी स्तर पर गठबंधन को लेकर बातचीत होती है तो भाजपा मजबूत स्थिति में रहकर अधिक से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी कर सकेगी।
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पंजाब चुनाव में BJP और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की चर्चाओं को भाजपा ने एक बार फिर खारिज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने सोमवार को पटियाला में नेताओं से मीटिंग के दौरान कहा कि पार्टी पंजाब में सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पढ़ें पूरी खबर…