![]()
कल्याणपुर में युवक ने खुद को रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) में तैनात बताकर युवती को शादी का झांसा देकर उसके नाम से तीन बैंक खाते खुलवा लिए। आरोप है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया गया। बैंक से मैसेज आने पर युवती को जानकारी हुई। पुलिस से शिकायत करने पर उन्होंने उससे ही आरोपी को पकड़कर लाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। RAF में तैनात बताते हुए दिखाया था आईडी कार्ड कल्याणपुर लवकुशपुरम निवासी चांदनी चौहान ने बताया कि उसने इस साल जनवरी में आनलाइन मैरिज साइट पर प्रोफाइल बनाई थी। कुछ दिन बाद सूरज उर्फ रणवीर सिंह ने उससे संपर्क किया। 15 अप्रैल को मुलाकात के दौरान उसने खुद को दिल्ली में आरएएफ में तैनात बताते हुए आईडी कार्ड भी दिखाया। सरकारी नौकरी और शादी का भरोसा मिलने पर वह उसकी बातों में आ गई। तीन बैंकों में खुलवाए खाते आरोप है कि सूरज ने चांदनी से उसका आधार, पैनकार्ड, मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज ले लिए। उसने बताया कि नौकरी के कारण वह रुपये अपने खाते में नहीं मंगा सकता। उसने युवती से तीन-चार बैंक खाते खुलवाने को कहा और बताया कि विज्ञापन के काम की रकम इन खातों में आएगी, इसके बाद शादी करेंगे। चांदनी ने कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक आफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक की कल्याणपुर शाखा में तीन खाते खुलवा दिए। आरोप है कि सूरज ने अपने दोस्त के माध्यम से खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और पिन हासिल कर लिए। खातों में संदिग्ध लेनदेन के संदेश आने पर उसने सूरज से सवाल किया तो उसने बैंक नोटिफिकेशन बंद करने की सलाह दी। इसके बाद उसने एक परिचित शिवम निषाद की दुकान के बैंक खाते और क्यूआर कोड की जानकारी भी सूरज को दे दी। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर दर्ज हुई FIR आरोप है कि आनलाइन रकम आने के बाद मनीष समेत अन्य लोग नकदी लेकर चले जाते थे। बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला। चांदनी का कहना है कि उसने खातों से केवल निजी सामान की आनलाइन खरीदारी की थी और साइबर ठगी से उसका कोई संबंध नहीं है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
Source link
शादी का झांसा देकर खुलवाए अकाउंट, ठगी के पैसे मंगाए:RAF जवान बताकर जाल में फंसाया, पुलिस बोली- खुद ही पकड़ कर लाओ