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फतेहपुर में करीब पांच साल पुराने गोमांस बरामदगी के मामले में मंगलवार को न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट नंबर-1 ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय के न्यायाधीश राम किशोर ने दोनों दोषियों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास और चार-चार लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। मामला 18 दिसंबर 2021 की रात करीब 11 बजे का है। वादी एसआई दिनेश सिंह ने सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि तेलियानी का तालाब, महुआ के पेड़ के पास मांझखोर गांव में दो लोग गोवध में शामिल हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 70 किलोग्राम मांस बरामद होने का दावा किया गया था। जांच के बाद कोर्ट में दाखिल हुआ आरोप पत्र बरामदगी के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कल्पना पांडेय ने आरोपियों के खिलाफ बरामदगी समेत अन्य साक्ष्य पेश किए। अदालत ने बचाव पक्ष और अभियोजन की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया। परवेज और रिजवान को 8-8 साल की सजा न्यायालय ने मामले में दोषी परवेज और रिजवान को पशु क्रूरता अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर चार-चार लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया। कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। मामले में करीब पांच साल बाद आए इस फैसले को पुलिस की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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गोमांस बरामदगी मामले में 2 दोषियों को 8-8 साल सजा:फतेहपुर में कोर्ट ने लगाया 4-4 लाख रुपए का जुर्माना; जेल भेजे गए