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शुक्रवार को गौरीगंज में बिजली विभाग व पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जन कल्याण समिति के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं और किसानों ने सीओ कार्यालय के मुख्य गेट पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। समिति की अध्यक्ष रीता सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। धरना दे रहे ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिनों पहले बिजली विभाग को लेकर एक बड़ा विवाद हुआ था। इस दौरान विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों और महिलाओं के साथ सरेआम अभद्रता की थी। इसकी लिखित शिकायत समिति अध्यक्ष रीता सिंह ने खुद सीओ गौरीगंज को दी थी। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आक्रोशित होकर उन्हें अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। लो वोल्टेज और बेसहारा पशुओं ने बढ़ाई किसानों की टेंशन धरना स्थल पर किसानों की समस्याएं भी प्रमुखता से गूंजीं। किसानों ने बताया कि धान की सिंचाई का सबसे अहम समय चल रहा है, लेकिन 8 से 10 घंटे की बिजली आपूर्ति में भी लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं, जिससे फसलें सूख रही हैं। इसके अलावा बेसहारा पशु लगातार खेतों में घुसकर बची-खुची फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। वहीं, पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा भी अब तक किसानों के हाथ नहीं लगा है। धरने के 4 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा कोई अधिकारी समिति अध्यक्ष रीता सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक महिलाओं से अभद्रता करने वाले दोषियों पर एफआईआर और कार्रवाई नहीं होती, और किसानों की बिजली व मुआवजे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक यह धरना जारी रहेगा।
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गौरीगंज में किसानों का धरना प्रदर्शन:बोले- लो वोल्टेज और ट्रिपिंग से परेशान, बेसहारा पशुओं का भी मुद्दा उठाया