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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में हाथ की कार्यक्षमता खो चुके 21 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी की गई। प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी से पीड़ित युवक की नर्व ट्रांसफर सर्जरी की। इसका उद्देश्य कंधे और हाथ की गतिविधि को दोबारा शुरू करने में मदद करना है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत फिलहाल संतोषजनक बताई गई है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी के एक मरीज की जटिल माइक्रोसर्जरी की गई। 21 वर्षीय तुलाराम करीब दो महीने पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उनके दाहिने हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। जांच में सामने आई ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी चिकित्सकीय जांच में तुलाराम के दाहिने हाथ में ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी की पुष्टि हुई। ब्रैकियल प्लेक्सस नसों का एक नेटवर्क होता है, जो कंधे से लेकर हाथ तक मस्तिष्क से मिलने वाले संकेतों को पहुंचाने में मदद करता है। चोट के कारण मरीज के हाथ की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसके बाद प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने नर्व ट्रांसफर तकनीक से सर्जरी करने की योजना बनाई। इसका मुख्य उद्देश्य कंधे की गतिविधि, खासकर हाथ को बाहर की ओर उठाने की क्षमता को वापस लाने में मदद करना है। कई घंटे चली जटिल माइक्रोसर्जिकल प्रक्रिया सर्जरी प्लास्टिक सर्जरी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रीप्रिया पीपी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रणय सिंह चकोटिया के नेतृत्व में की गई। रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. अर्पिता और डॉ. मोहित ने सर्जरी में सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अमृता गुप्ता, डॉ. दीपिका चौबे और डॉ. विनिता लिप्टन शामिल रहीं। सर्जरी के बाद मरीज की हालत संतोषजनक एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक है। नर्व ट्रांसफर के बाद नसों को दोबारा काम करने में समय लग सकता है और मरीज की आगे की रिकवरी पर लगातार नजर रखी जाएगी। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की टीम मरीजों को उन्नत और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
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एक्सीडेंट के बाद हाथ काम नहीं करता था, हुई सर्जरी:SN में कई घंटे चली जटिल माइक्रोसर्जिकल प्रक्रिया, अब रिकवरी पर रहेगी नजर