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वाराणसी के कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला अस्पताल का गुरुवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य राजेश कुमार ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के एक-एक विंग को देखा और मरीजों से भी बात की। इस दौरान बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत पर प्रश्न पूछने पर कहा की यदि शिकायत या प्रमाण मिलेगा तो हम कार्रवाई करेंगे। इस दौरान उन्होंने एसआईसी डॉ मनीषा सिंह सेंगर से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और रिपोर्ट भी देखी। अपर निदेशक ने यह भी कहा की यहां कुछ व्यवस्थाएं ऐसी हैं। जो हमारे प्रयागराज में भी अस्पतालों में नहीं है। उसके इम्प्लीमेंट के लिए वहां भी कार्य किया जाएगा। देखिये तस्वीरें… टीम के साथ पहुंचे अपर निदेशक स्वास्थ्य अपर निदेशक स्वास्थ्य राजेश कुमार गुरुवार को दोपहर बाद वाराणसी के कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले सभी वार्डों का निरीक्षण किया। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी भी ली और पूछा की दवाएं और खाना समय से मिल रहा है या नहीं। इसके अलावा साथ चल रही एसआईसी डॉ मनीषा सिंह सेंगर से व्यवस्थाओं पर जानकारी भी ली। देखा ऑक्सीजन प्लांट अपर निदेशक स्वास्थ्य ने इस दौरान अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट को भी देखा और उसके प्रेशर को जांचा-परखा। वहीं उन्होंने एसआईसी के साथ बैठकर अस्पताल में आने वाली समस्याओं और दिक्कतों के साथ अन्य परेशानियों को भी जाना। ओटी की ऐसी व्यवस्था प्रयागराज में भी नहीं निरीक्षण के बाद अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बताया – राजकीय जिला महिला अस्पताल का आज मंडल की टीम ने निरीक्षण किया है। इसमें साफ-सफाई और व्यवस्थाएं सभी दुरुस्त मिली हैं। सबसे अच्छी चीज यहां ओटी है जो मॉड्यूलर है। ऐसा प्रयागराज में भी किसी अस्पताल में नहीं है। हम प्रयास करेंगे और इनसे समझेंगे की कैसे उसे बनाया है। उसका इम्प्लीमेंट प्रयागराज में भी करेंगे। मिसबिहेव की शिकायतें इक्का-दुक्का हर जगह अपर निदेशक राजेश कुमार ने बताया – नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर्स के मिसबिहेव पर उन्होंने कहा – हो सकता है; लेकिन यहां मैंने वार्ड, NICU और हर जगह मरीजों और उनके परिजनों से बात की पर ऐसा कहीं नहीं सुना। मिस बिहेव की बात इक्का दुक्का हर जगह आती है। बाहर से दवा लिखी जाती है उसका प्रमाण दीजिये अपर निदेशक से जब कहा गया कि यह बाहर से पर्ची लिखकर दवा मंगाई जा रही है। इसपर उन्होंने कहा ऐसा नहीं है। क्योंकि हमने अस्पताल बने आयुष्मान मेडिकल स्टोर पर पता किया तो उसने बताया की 300 की ओपीडी रोज होती है। और हम दवा 50 से 100 पेशेंट को दे रहे हैं। रही बात पर्ची की तो उसका प्रमाण चाहिए हम कैसे कह दें की बाहर से दवा आ रही है। या आप दे दीजिये प्रमाण।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य ने किया कबीरचौरा महिला अस्पताल का निरीक्षण:बाहर से दवा लिखने की शिकायत पर बोले – प्रमाण मिलने पर होगी कार्रवाई