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सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूर की मौत के मामले में जेल भेजे गए संविदा लाइनमैन की 20 वर्षीय बेटी शिखा पांडेय की रविवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। जफरापुर निवासी शिखा लंबे समय से बीमार थी। पुलिस के अनुसार, उसकी करीब तीन साल से बीमारी का इलाज चल रहा था। मजदूर की मौत के मामले में पिता जेल में यह मामला जफरापुर निवासी दिहाड़ी मजदूर वीरेंद्र कुमार शुक्ला की मौत से जुड़ा है। बीते गुरुवार देर शाम वीरेंद्र की मौत हो गई थी। उनके चचेरे भाई रवींद्र कुमार शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने दो संविदा लाइनमैनों विनोद पांडेय और लोटिया निवासी अखिलेश चंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चाचा बोले- पिता के जेल जाने के बाद बिगड़ी तबीयत शिखा के चाचा बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि पिता विनोद पांडेय के जेल जाने के बाद से शिखा की तबीयत बिगड़ गई थी। वह सदमे में थी और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया था। रविवार को हालत गंभीर होने पर परिजन उसे पहले स्थानीय सीएचसी ले गए। इसके बाद रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन साल से चल रहा था इलाज ग्रामीणों के अनुसार, शिखा पिछले करीब तीन वर्षों से बीमार थी। वहीं, लंभुआ के एसएचओ धीरज कुमार ने बताया कि पुलिस की जांच में युवती के करीब तीन साल से इलाज चलने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हुई। मौत की वजह चिकित्सकीय जांच से होगी स्पष्ट सीओ लंभुआ ऋतिक कपूर ने भी शिखा के लंबे समय से बीमार होने और इलाज चलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिता के जेल जाने के बाद बेटी की मौत:मजदूर की मौत के मामले में संविदाकर्मी हुआ था गिरफ्तार, पुलिस बोली- बीमार चल रही थी