Ayodhya Sugarcane Farming Crisis | Sugar Mills Face Shortage 2026-27

अयोध्या3 मिनट पहले

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अयोध्या में पिछले दो वर्षों से गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। इससे जिले की दो चीनी मिलों- केएम शुगर मिल, मसौधा और रौजागांव चीनी मिल के पेराई सत्र की अवधि पर संकट मंडरा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 30 अगस्त तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।

पहले चीनी मिलों का पेराई सत्र अप्रैल तक चलता था। रकबे में कमी के कारण, 2025-26 में मसौधा और रौजागांव चीनी मिलों का पेराई सत्र अधिकतम 20 मार्च तक ही चल पाया। मसौधा चीनी मिल की क्षमता 9500 टन प्रतिदिन और रौजागांव चीनी मिल की क्षमता 8000 टन प्रतिदिन है।

अयोध्या जिले में पिछले दो वर्षों से गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है।

अयोध्या जिले में पिछले दो वर्षों से गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है।

गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल

यदि गन्ने का रकबा इसी तरह घटता रहा, तो आगामी पेराई सत्र 2026-27 में फरवरी माह को पार करना भी मुश्किल हो सकता है। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने बताया कि चीनी मिलों को रकबा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

यादव के अनुसार, किसान अब कम समय की फसलों को अधिक फायदेमंद मान रहे हैं, जो रकबा घटने का एक प्रमुख कारण है। पहले गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल थी, लेकिन अब किसान सब्जियों और केले की खेती की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

किसान रामसंजीवन वर्मा ने बताया कि गन्ने की खेती में बढ़ती लागत से आय में कमी आई है। इस कारण किसान कम समय में तैयार होने वाली नकदी फसलों को अधिक लाभकारी मान रहे हैं।

पेराई सत्र 2026-27 के लिए सर्वे का कार्य जारी है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 55 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है और शेष 45 प्रतिशत 30 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे की त्रुटियों को किसानों की आपत्तियां लेकर दूर किया जा रहा है, ताकि पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति में किसानों को कोई दिक्कत न हो।

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