अनुग्रह नारायण शाही | देवरिया5 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को देवरिया के 4 पुलिस थानों में जनरेटर की व्यवस्था न होने तक हाई-पावर बैकअप इन्वर्टर लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा- इन थानों में लगे CCTV कैमरों और उनकी हार्ड डिस्क को बिना दिक्कत के बिजली मिलती रहनी चाहिए। सुनवाई के दौरान देवरिया के एसपी अभिजीत आर. शंकर अदालत में पेश हुए।
एसपी ने कोर्ट को बताया- देवरिया के सभी थानों में नियमानुसार 5 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि महुवाडीह, बरियारपुर, सुरौली और श्रीरामपुर थानों में जनरेटर सेट उपलब्ध नहीं हैं। इन चारों थानों के लिए नए जनरेटर खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने को आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक नए जनरेटर उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक चारों थानों में हाई-पावर बैकअप इन्वर्टर लगाए जाएं। सीसीटीवी कैमरों और उनकी हार्ड डिस्क को निर्बाध बिजली मिलना सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस यातना के आरोप से जुड़ा है मामला
यह मामला भलुअनी थाना क्षेत्र निवासी सीआरपीएफ जवान नागेंद्र कुमार यादव की याचिका से जुड़ा है। याचिका के मुताबिक, अप्रैल 2026 में वह एक मामले के सिलसिले में भलुअनी थाने गए थे।
आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में नागेंद्र को थाने के लॉकअप में रखे जाने और यातना देने का आरोप लगाया।
सीसीटीवी फुटेज की होगी स्क्रीनिंग
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि संबंधित CCTV फुटेज पेन ड्राइव में उपलब्ध है। कोर्ट ने देवरिया एसपी को निर्देश दिया कि थानाध्यक्ष राकेश कुमार राय की मौजूदगी में अधिवक्ताओं के सामने पेन ड्राइव में उपलब्ध फुटेज की स्क्रीनिंग कराई जाए।
कोर्ट ने कहा यदि फुटेज में याचिकाकर्ता से संबंधित घटना दिखाई देती है तो उसमें शामिल व्यक्ति की पहचान करने में मदद मिल सकती है। मामले को 12 अगस्त 2026 को फिर सुनवाई के लिए बुलाया गया।
पुराने जनरेटरों की भी होगी निगरानी
एसपी ने अदालत को बताया- जिले के कुछ थानों में लगे जनरेटर पुराने मॉडल के हैं। उन्हें नियमित मरम्मत की जरूरत पड़ती है। यदि किसी जनरेटर के पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने के कारण वह काम नहीं कर रहा है तो नए जनरेटर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सभी CCTV कैमरों को इन्वर्टर सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि कैमरे और हार्ड डिस्क लगातार संचालित रहें। मानकों के अनुरूप सोलर पैनल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नियमित निगरानी के दिए निर्देश
एसपी ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सभी थानों की नियमित निगरानी की जाएगी। अदालत ने पुलिस महानिदेशक, लखनऊ को 10 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर के अनुपालन की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर समिति गठित कर थानों का नियमित निरीक्षण कराया जा सकता है। समिति बिजली आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
अगली सुनवाई पर सरकार देगी जवाब
अगली सुनवाई पर राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल कर यह बताना होगा कि सर्कुलर को प्रदेश के सभी पुलिस थानों में लागू कराने के लिए पुलिस महानिदेशक स्तर से क्या कार्रवाई की गई है।
फिलहाल अदालत ने देवरिया के एसपी अभिजीत आर. शंकर और प्रदीप कुमार पांडेय को आगामी तारीखों पर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
