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गोंडा में डायट प्रवक्ता से आवासीय प्लॉट देने के नाम पर 9.11 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक और कर्मचारियों पर है। एसपी विनीत जायसवाल के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे बिहार के सीवान निवासी अश्वनी सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 12.60 लाख में तय हुआ था प्लॉट विष्णुपुरी कॉलोनी निवासी डायट प्रवक्ता संदीप जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गोरखपुर के ग्राम उनौला दोयम और पतरा में आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए आरवीएस स्टेट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। कंपनी की ओर से प्लॉट की कीमत 12.60 लाख रुपए तय की गई थी। संदीप के मुताबिक, उन्होंने अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन बैंक खाते के माध्यम से कंपनी को कुल 9.11 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। पैसे लेने के बाद न प्लॉट दिया, न रकम लौटाई आरोप है कि भुगतान करने के बावजूद कंपनी की ओर से उन्हें प्लॉट नहीं दिया गया। जब संदीप ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर मोबाइल फोन उठाना बंद कर दिया। संदीप का आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लिया और प्लॉट से संबंधित दस्तावेज दिखाकर रकम हासिल की। बाद में उन्हें न प्लॉट मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की गई। अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप डायट प्रवक्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि कंपनी के लोग इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की। उपनिरीक्षक को सौंपी गई जांच एसपी के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक पिंटू कुमार यादव को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और कंपनी की गतिविधियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डायट प्रवक्ता से 9.11 लाख रुपए की ठगी:प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी, रियल एस्टेट कंपनी पर केस